हरदोई। मेडिकल कॉलेज में एक्सरे जांच की मुख्य डिजिटल एक्सरे मशीन करीब एक माह से खराब पड़ी है। मरीजों का पूरा भार पोर्टेबल मशीनों पर आ गया है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण अब पोर्टेबल मशीनें भी खराब होने लगी हैं। शनिवार को दूसरी पोर्टेबल मशीन भी बंद होने से मरीजों को जांच के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। दूर-दराज से आए मरीज भी घंटों इंतजार करने के बाद मायूस होकर लौट गए।
एक्सरे जांच के लिए मेडिकल कॉलेज में डिजिटल एक्सरे मशीन लगी हुई है। बीते 12 अगस्त को मुख्य मशीन का ड्रैग बोर्ड खराब हो गया था। ड्रैग कंट्रोल बोर्ड लगाकर तीन दिन बाद मशीन को संचालित करने का दावा किया गया लेकिन बाद में मशीन का पैनल सर्किट खराब होने से बिजली आपूर्ति सुचारू ढंग से मिलने से मशीन काम नहीं कर पाई। इसके बाद से मरीजों का एक्सरे पोर्टेबल मशीन से किया जा रहा है।
बता दें कि एक्सरे कक्ष में 100 एमए और 50 एमए की दो पोर्टेबल मशीनें हैं। 100 एमए मशीन की क्षमता 60 से 70 एक्सरे और 50 एमए मशीन की क्षमता 20 से 30 एक्सरे की है जबकि रोजाना 150 से 200 मरीज आते हैं जिनके एक्सरे के 250 से 300 तक एक्सपोजर हो जाते हैं। पोर्टेबल मशीन मरीजों का दबाव झेल नहीं पा रही है। 100 एमए की मशीन 31 अगस्त को बंद हो गई थी वहीं 50 एमए की मशीन ने भी शुक्रवार को साथ छोड़ दिया। ऐसे में शनिवार को मेडिकल कॉलेज में एक्सरे जांच पूरी तरह से ठप हो गई और मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
दूर-दराज से आए मरीज हो रहे बैरंग
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी और इमरजेंसी में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। इनमें दुर्घटना, हड्डी संबंधी बीमारी और अन्य गंभीर मामलों के मरीजों को चिकित्सक एक्सरे कराने की सलाह देते हैं। तमाम मरीज जनपद के दूर-दराज क्षेत्रों से भी आते हैं लेकिन शनिवार को आए मरीजों को घंटों इंतजार करने के बाद बैरंग होकर लौटना पड़ा।
... इसलिए वापस जा रहे
हरपालपुर के महमदपुर से आए दीपू ने बताया कि सुबह आठ बजे मेडिकल कॉलेज आ गए थे। डॉक्टर ने एक्सरे कराने के लिए बताया है। जांच कराने आए तब पता चला कि मशीन खराब है। करीब तीन घंटे से इंतजार कर रहे हैं लेकिन अब बताया गया कि मशीन बनने में समय लगेगा इसलिए वापस जा रहे हैं।
आशा गांव निवासी रोहित कुमार ने बताया कि एक्सीडेंट होने पर डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने हाथ का एक्सरे कराने के लिए कहा। यहां आने पर पता चला कि मशीन खराब है। निजी जांच केंद्र पर एक्सरे नहीं करवा पाएंगे। इंतजार करने के लिए बोला गया है, दो घंटे से बैठे हैं।
कार्यदायी संस्था के अभियंता ने शुरू की मरम्मत
मुख्य डिजिटल मशीन तो अभी बंद है लेकिन 100 एमए की पोर्टेबल मशीन के लिए लखनऊ से आए कार्यदायी संस्था एलेंजर्स के अभियंता आशीष ने मरम्मत शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि मशीन रेडिएशन नहीं बना रही है। मदर बोर्ड चेक कर रहे हैं कोई उपकरण खराब मिलेगा तो बदला जाएगा।
पोर्टेबल मशीनों को बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। मुख्य डिजिटल मशीन को भी जल्द ही दुरुस्त करवा दिया जाएगा। कार्यदायी संस्था के अभियंता को निर्देशित कर दिया गया है। -डॉ. चंद्र कुमार, सीएमएस
फोटो- 27- पोर्टेबल मशीन की मरम्मत करते अभियंता आशीष। संवाद
फोटो- 27- पोर्टेबल मशीन की मरम्मत करते अभियंता आशीष। संवाद
फोटो- 27- पोर्टेबल मशीन की मरम्मत करते अभियंता आशीष। संवाद