लखनऊ चुंगी के पास राम जानकी मंदिर में आयोजित राम
कथा के पहले दिन कथा व्यास आचार्य संतोष भाई ने कई प्रसंग सुनाए। कहा कि
भक्ति के पथ पर चलने में तमाम कठिनाइयां सामने आती हैं, पर कठिनाइयों का
सामना करते हुए आगे बढ़ते रहने वाले भक्त को प्रभु की कृपा से आनंद ही आनंद
मिलता है।
उन्होंने कहा कि प्रभु की कृपा होते ही आनंद की वर्षा होती
है। भक्ति से ही भगवान और भगवान से कृपा मिलती है। उन्होंने कहा कि श्रीराम
कथा हर तरह से कल्याणकारी है और श्रीराम तथा भरत का प्र्रेम आदर्श है।
माता-सीता त्याग और लक्ष्मण भाई के रूप में आदर्श है।
उन्होंने मंगल भवन
अमंगल हारी द्रवहु सो दशरथ अजरि विहारी आदि मानस चौपाई सुनाकर श्रीराम की
महिमा एवं भक्ति का महत्व बताया। आचार्य ने कहा कि वर्ष का प्रथम दिन मां
जगदंबा की कृपा और प्रभु श्रीराम का गुणगान करने के साथ शुरू हुआ है। कहा
कि भगवान की माया और महिमा अपरंपार है। इसे शब्दों में वर्णित नहंी किया जा
सकता।
नारद, अर्जुन भी संशय में पड़ चुके हैं, तो सामान्य व्यक्ति का
संशय में पड़ना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। श्रीराम कथा लोगों को आदर्श
जीवन जीने की प्रेरणा देने के साथ ही लोगों के दुख-दर्द और संशयों को भी
दूर करती है। उन्होंने बजरंगबली श्रीराम
कथा के मर्मज्ञ है और सद्गुरु के रूप में उन्होंने लोगों को भवसागर
पहुंचाने का काम किया है।
इस मौके पर राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष
राकेश अग्रवाल, राजेंद्र पटेल, सोमेंद्र अग्रवाल, दिलीप गुप्ता, गिरीश
डिडवानिया, अपूर्व महेश्वरी, विजय सिंह, प्रभाकर पांडेय, अनूप पुरी, विनीता
पांडेय, सरिता अग्रवाल, सरोज गुप्ता आदि मौजूद थे।