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Hardoi News: बैराजों और बरसात के पानी से चहुंओर सैलाब, लोगों की परेशानी बढ़ी

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हरदोई/बिलग्राम/सांडी/शाहाबाद/भरावन।
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हरदोई। बैराजों से छोड़े जा रहे पानी ने जिले के कई क्षेत्रों में सैलाब जैसे हालात बना दिए हैं। गर्रा, गंगा और रामगंगा के बाद अब गोमती और सुखेता नदी का पानी भी खेतों तक पहुंच गया है। नदियों के बढ़ते जलस्तर और बारिश के पानी से खेतों में जलभराव होने के साथ ग्रामीण इलाकों में आवाजाही प्रभावित हो रही है। बिलग्राम, सांडी, शाहाबाद और भरावन क्षेत्र में लोगों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
बैराजों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। गंगा नदी में नरौरा बैराज से 1,63,181 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी में पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 7,360 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 24 घंटे में नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गंगा नदी का जलस्तर फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर चेतावनी बिंदु 134.60 मीटर पर पहुंच गया है। वहीं राजघाट पर 125.49 मीटर पर आ गया है। रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 137.05 मीटर गेज, गर्रा नदी का पानी शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर 148.45 मीटर गेज और सांडी की केंद्रीय जल आयोग की साइट पर 130.38 मीटर गेज पर पहुंचा है। गर्रा नदी का पानी खतरे के निशान से 73 सेंटीमीटर ऊपर आया है।
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तहसील बिलग्राम क्षेत्र में गर्रा ने अपनी विभीषिका बढ़ाई है। गर्रा का पानी बढ़ने से चुन्नीपुरवा गांव में कमर तक पानी पहुंच गया है।प्रशासन ने 107 ग्रामीणों को तिलमईखेड़ा राहत केंद्र भेजा है। करीब 20 दिन पहले भी इन परिवारों को शिफ्ट किया गया था। पानी घटने से गांव पहुंचे थे। गंगा नदी में भी लगातार पानी बढ़ने लगा है, इससे कटरी परसोला, कटरी बिलुही, कटरी, जरेला, पुन्ना पुरवा, सोनारी पुरवा, निहाल पुरवा और कटरी महादेवा समेत गांवों के लोगों में दशहत है। ग्रामीणों को फिर से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के कारण आम तौर से घर-गृहस्थी चलाने का संकट मंडरा रहा है। चौका चूल्हा से लेकर शिक्षा स्वास्थ्य की चिंता ग्रामीणों को सताने लगी है। एसडीएम एन राम ने बताया कि नायब तहसीलदार मुकेश कुमार ने सांडी के चुन्नीपुरवा से ग्रामीणों को निकालकर राहत शिविर में शिफ्ट कराया है। राजघाट पर भी राहत केंद्र बनवाया जा रहा है।
भरावन क्षेत्र में गोमती नदी उफना गई है। भटपुर क्षेत्र के 21 गांवों के खेतों तक पानी पहुंच गया है। इसमें करीब 15 हजार बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई है। कई संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। लक्ष्मणपुर, कटका, धनाखेड़ा, रामपुर, देवरी, कटकी, कटका खुर्द, भंभुआ, पिपरी, महसुआ, भोलाखेड़ा, डालखेड़ा, औना, देवकली, कूड़ा, तुलसीपुर, गौड़ी, वृंदावन, भटपुर और गोकुला समेत 21 गांवों की फसलें प्रभावित हुई हैं।
तहसील शाहाबाद क्षेत्र के सुखेता नदी के पुल पर पानी आने से ग्रामीणों को पानी से होकर आवागमन करना होता है। शर्मा गांव के ग्रामीणों ने सुखेता नदी पर नया पुल बनवाने की मांग की है। तीस साल पहले पाइप डालकर नीची और छोटी पुलिया बनवाई गई थी जो अब पुलिया जर्जर हो चुकी है। सुखेता में बाढ़ आने से 90 घरों में पानी घुस गया है।
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नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रभावित तहसील बिलग्राम, सवायजपुर और शाहाबाद में शरणालय स्थलों को क्रियाशील कराया गया है। बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय किया गया है। राजस्व टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखे हुए हैं। प्रभावितों को त्वरित मदद दी जा रही है।
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-दीपाल भार्गव, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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आपदा की घड़ी में सरकार पीड़ितों के साथ : असीम अरुण
हरदोई। जिले के प्रभारी समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण किया। कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पीड़ितों के साथ है। उन्होंने प्रभावित लोगों से संवाद कर बाढ़ और प्रशासन की तरफ से उपलब्ध कराई जा रही राहत सामग्री और राहत शिविरों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने तहसील बिलग्राम के इसरापुर, कटरी परसोला, राजघाट और चिरंजूपुरवा का भ्रमण कर बाढ़ प्रभावितों की समस्याओं को देखा और जाना। प्रभावितों को आश्वस्त किया कि सरकार पूरी तरह से उनके साथ है। अधिकारियों से कहा कि फसल क्षति, मकानों के नुकसान और अन्य संपत्तियों की क्षति का वास्तविक आकलन कराते हुए पात्र प्रभावितों को समयबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता और राहत सामग्री प्राप्त कराई जाए।भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन, एडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी, बिलग्राम एसडीएम एन राम आदि अधिकारी मौजूद रहे। (संवाद)
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