हरदोई। विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दूसरे चरण में गैरहाजिर मतदाताओं की तलाश अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए कठिन साबित हो रही है। सुनवाई के लिए जारी होने वाली नोटिस पर संबंधित कर्मियों का जवाब होता है कि कौन लेगा नोटिस। इस पर आयोग की तरफ से दी गई व्यवस्था में संबंधित गैरहाजिर मतदाता के मकान के पास-पड़ोसियों की मौजूदगी में चस्पा किए जाने की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के एसआईआर अभियान के पहले चरण में अक्तूबर 2025 तक की मतदाता सूची में 30,19,415 मतदाता शामिल थे। अभियान के दौरान साल-2003 की मतदाता सूची में खुद के नाम, दादी-दादा और माता-पिता के नाम न होने के कारण करीब 2.26 लाख मतदाता नो मैपिंग श्रेणी में चले गए। वहीं 1,25,796 मतदाता गैरहाजिर श्रेणी में चिह्नित हुए।
भारत निर्वाचन आयोग ने मताधिकार से कोई भी व्यक्ति छूटे न के उद्देश्य से नो मैपिंग के साथ ही सभी श्रेणी के मतदाताओं को नोटिस दिए जाने की व्यवस्था दी है। आयोग की तरफ से गैरहाजिर श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं को भी सुनवाई का मौका दिया है। आयोग की व्यवस्था पर जिले में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की तरफ से नोटिस जारी की जा रही हैं। इस पर सुनवाई के लिए साक्ष्य सहित सात दिन के अंदर जवाब दाखिल किए जाने का समय भी दिया जा रहा है। नोटिस को बूथ लेवल ऑफिसर के माध्यम से वितरित कराया जा रहा है। गैरहाजिर श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं में अधिकांश मतदाता सूची में दर्ज विवरण के पते पर या तो नहीं रहते हैं और या फिर मकान बंद हैं। ऐसे में इन मतदाताओं को नोटिस तामील कराया जाना अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए कठिन साबित हो रहा है।
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एसआईआर अभियान में विधानसभा क्षेत्रवार गैरहाजिर मतदाताओं की संख्या पर एक नजर :
विधानसभा क्षेत्र : गैरहाजिर श्रेणी में चिह्नित मतदाता
संवायजपुर : 12,197
शाहाबाद : 10,134
हरदोई : 37,106
गोपामऊ : 13,712
बिलग्राम-मल्लावां : 3,292
बालामऊ : 11,651
संडीला : 16,894
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पहली बार न मिलने पर दूसरी नोटिस मकान पर चस्पा कराई जाएगी
जिला निर्वाचन अधिकारी अनुनय झा ने बताया कि 18 साल की आयु पूरी करने वाले जिले के सभी निवासियों को मताधिकार दिलाया जाना है। इसके लिए एसआईआर अभियान के दूसरे चरण में नो मैपिंग और तार्किक विसंगति वालों के साथ ही गैरहाजिर मतदाताओं को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नोटिस पर सात दिन के अंदर साक्ष्य सहित जवाब मांग रहे हैं। आयोग ने मतदाता और परिवार के सदस्यों के न मिलने और मकान बंद होने की दशा में नोटिस चस्पा किए जाने की व्यवस्था दी है ताकि मतदाता को इसकी जानकारी किसी न किसी प्रकार से मिल जाए और वह यहीं का निवासी होने का साक्ष्य प्रस्तुत कर मताधिकार प्राप्त कर सके।