हरदेाई। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की सख्ती के बाद जनपद में अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोरों, क्लीनिकों, पैथालॉजी आदि पर शिकंजा कसने लगा है। दरअसल जनपद में लंबे समय से बिना चिकित्सक और पंजीकरण के अस्पतालों का संचालन हो रहा है। सबसे ज्यादा अवैध संचालन कटरी के इलाके के साथ ही कछौना और बेनीगंज क्षेत्र में हो रहा है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सी एमओ डॉ भवनाथ पांडेय से पूरे मामले में स्पष्टीकरण तलब किया तो आनन फानन ही टीम गठित कर कार्रवाई शुरू कर दी गई।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से जानकारी दी थी कि संडीला सीएचसी के अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार सिंह जनपद में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर की निगरानी का काम देखते हैं। उन पर अनाधिकृत तौर पर संचालित प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगने पर जांच के आदेश दिए हैं। इसके अलावा सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय से भी स्पष्टीकरण मांगा है। इस पूरी कार्रवाई की भनक स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों को बृहस्पतिवार रात ही लग गई थी। शुक्रवार को डॉ. अरविंद सचान के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई।
जांच टीम ने कछौना क्षेत्र में शुक्रवार को ताबड़तोड़ छापे डाले। टीम में शामिल डॉ. मनोज सिंह ने बताया कि गाजू रोड पर नैमिष वर्मा का मेडिकल स्टोर सील किया गया है। यहां न तो पंजीकरण के अभिलेख मिले थे और न ही फार्मासिस्ट की मौजूदगी। इसी तरह कछौना में रमेश चंद्र विश्वकर्मा क्लीनिक चलाते मिले थ्ज्ञे। यहां कोइ्र चिकित्सक मौजूद नहीं था। तीन मरीज भर्ती मिले थे और कुछ दवाइयां भी मिली थीं। ठाकुरगंज में अभिराज की पैथालॉजी भी सील की गई। यहां बिना पंजीकरण के ही संचालन का आरोप है। बालामऊ के नारायण हॉस्पिटल में भी छापा डाला गया। यहां डॉ. देवंद्र मोहन बैठते हैं।
जांच टीम का दावा है कि अस्पताल के संचालन से जुड़े कोई अभिलेख मौके पर नहीं मिले। कछौना में ही प्रदीप सोनी क्लीनिक चलाते हैं। जांच टीम को यहां भी क्लीनिक संचालन से जुड़े कोई अभिलेख नहीं मिले। गाजू रोड पर स्थित बालाजी पॉलीक्लीनिक पर भी छापा पड़ा। यहां के संचालक आकाश कोई अभिलेख नहीं दिखा पाए।
कछौना के सदर बाजार में हस्मत अली क्लीनिक चलाते मिले। उन पर बिना अभिलेख के क्लीनिक चलाने का आरोप है। मौके से कुछ इंजेक्शन भी मिले। जांच टीम में शामिल डॉ. मनोज सिंह डॉ. विनीत तिवारी, डॉ. हेमंत राजपूत ने संयुक्त रूप से बताया कि उक्त सभी को नोटिस जारी की गई है। जवाब मिलने तक यह प्रतिष्ठान सील कर दिए गए हैं। नोटिस केजवाब में अगर अभिलेख नहीं मिलेंगे तो एफआईआरदर्ज कराई जाएगी।