फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: सहालगों ने लौटाई कॉस्मेटिक बाजार की रंगत, भीड़ बढ़ने से कारोबारी खुश

विज्ञापन
फोटो-09- कॉस्मेटिक की दुकान पर खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद
विज्ञापन
हरदोई। वैवाहिक सीजन के शुरू होते ही कॉस्मेटिक बाजार की रंगत लौट आई है। ऑनलाइन मार्केट की मार झेल रहे सौंदर्य प्रसाधन के कारोबार में आई तेजी ने व्यापारियों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है।
विज्ञापन

शहर के बाजार स्थित छोटी और बड़ी सौंदर्य प्रसाधनों की दुकानों पर सुबह से देर शाम तक ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सहालग के कारण न केवल शादी वाले घरों की खरीदारी बढ़ी बल्कि गिफ्ट देने के लिए भी कॉस्मेटिक किट की भारी मांग है। शहर के सिनेमा रोड, बड़ा चौराहा और रेलवेगंज स्थित कॉस्मेटिक दुकानों पर इन दिनों काफी भीड़ हो रही है।



सीजन न होने पर दिन भर बैठना पड़ता खाली


कारोबारी शंकर दयाल देवल का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन शॉपिंग ने स्थानीय दुकानों के व्यापार को 45 से 50 प्रतिशत तक प्रभावित कर दिया है। सीजन न होने पर दिन भर खाली बैठना पड़ता है। हालांकि, इन दिनों सहालग और इसके बाद होली और ईद का त्योहार आने से काफी राहत है। पहले जहां दुकानों पर तीन हजार रुपये की बिक्री मुश्किल से होती थी, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 10 से 12 हजार रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया है। कारोबारियों के चेहरों पर इस बढ़ी बिक्री का उत्साह साफ नजर आ रहा है।
विज्ञापन




आर्टिफिशियल ज्वेलरी की मांग बढ़ी

दुकानों पर कॉस्मेटिक के साथ ही आर्टिफिशियल ज्वेलरी की मांग सबसे अधिक है। दुल्हन के शृंगार के लिए कुंदन, चोकर सेट और रजवाड़ी ज्वेलरी महिलाओं की पहली पसंद बनी हुई है। आर्टिफिशियल ज्वेलरी में चेन की कीमत 50 रुपये से लेकर 150 रुपये तक है। इसके साथ ही पायल, अंगूठी, कंगन और हार के सेट की मांग अधिक है। बताया कि सोने और चांदी में महंगाई के कारण अब आर्टिफिशियल ज्वेलरी भी महंगी हो गई है।



ऑनलाइन मार्केट से मिल रही कड़ी टक्कर

पिछले कुछ वर्षों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने स्थानीय सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों के कारोबार को काफी प्रभावित किया है। व्यापारियों का मानना है कि भारी डिस्काउंट के लालच में युवा वर्ग ऑनलाइन खरीदारी की ओर झुक गया था जिससे स्थानीय बाजार की चमक फीकी पड़ गई थी। हालांकि, सहालग के इस दौर ने एक बार फिर पारंपरिक बाजार में जान फूंक दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें