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वीरे यादव ने बांह बटोरी, बीएसए को धमकाया

Wed, 09 Nov 2016 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
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साइकिल - फोटो : demo pic
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हरदोई। सपा के जिला महासचिव वीरे यादव ने मंगलवार दोपहर बीएसए मसीहुज्जमा सिद्दीकी को धमकाया। अभद्रता करते हुए जिले से हटाव देने की धमकी दी। यहां तक कहा कि या तो बीएसए जिले में रहेंगे या वह पार्टी में। खास बात यह है कि जिस वक्त वह बीएसए को धमका रहे थे, उस समय कार्यालय में अमर उजाला संवाददाता भी मौजूद था और यह पूरी रिकार्डिंग सीसीटीवी कैमरे में कैद है। घटना के बाद बीएसए ने उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी है। 
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 सांडी ब्लॉक के बरगदापुरवा गांव निवासी वीरेंद्र सिंह यादव उर्फ वीरे सपा के जिला महासचिव हैं। मंगलवार दोपहर करीब पौने एक बजे वह बीएसए कार्यालय पहुंचे। उस समय कार्यालय में शिक्षक नेता योगेश त्यागी, उनकी पत्नी सुनीता त्यागी भी मौजूद थीं। वीरे यादव ने बीएसए मसीहुज्जमा सिद्दीकी को एक चिट्ठी दी।

चिट्ठी पढ़ने के बाद बीएसए ने वीरे यादव को लौटाते हुए कहा कि सॉरी ये काम अवैध है, नहीं हो पाएगा। इस पर सपा महासचिव वीरे यादव भड़क गए। उन्होेंने काम करने को अपना अपमान बताया। कहा कि वह सपा के नेता हैं और सीएम का कहना है कि अधिकारियों से काम करवाओ। बीएसए ने उनकी चिट्ठी में की गई सिफारिश को नियम विरुद्ध बताया तो बीरे यादव का पारा और चढ़ गया।
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कहा कि पहली बार छोटा सा काम दिया, वह भी आपने मना कर दिया। वैसे भी आप फोन नहीं उठाते हैं। काम तो आपको करना ही पड़ेगा। अब या तो आप इस जिले में रहेंगे या फिर मैं खुद  सपा से इस्तीफा दे दूंगा। उन्होंने लगे हाथ कार्यालय के सामने धरना देने की धमकी भी दी। 

 साड़ी ब्लॉक के श्रीमऊ गांव के जूनियर स्कूल की मरम्मत के लिए करीब एक लाख 10 हजार रुपया आया है। मरम्मत का काम श्रीमऊ के प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक को कराना है। वीरे यादव मरम्मत के काम की जिम्मेदारी पड़ोस के स्कूल के शिक्षक को दिलाने की सिफारिश लेकर आए थे। इसका ब्योरा उन्होंने चिट्ठी में लिख रखा था। 

बीएसए कार्यलय में सीसीटीवी लगा है। वीरे यादव और बीएसए के बीच हुआ विवाद सीसीटीवी में कैद है। मालूम हो कि पूर्व बीएसए के साथ हुए विवादों और कर्मचारियों के साथ हुए विवादों के कारण ही बीएसए कार्यालय में कई जगह सीसीटीवी लगावाए गए थे। 

श्रीमऊ जूनियर स्कूल में सुमित प्रभारी प्रधानाध्यापक हैं। नियमानुसार उन्हीं को निर्माण करवाना है। सुमित से करीब सवा सात बजे उनके मोबाइल पर बात की गई। निर्माण के सवाल पर सुमित सहमे सहमे बोले, कि वह कानपुर के रहने वाला हैं। पत्नी की तबीयत ठीक नहीं रहती है।  इसलिए निर्माण नहीं कराएंगे और फोन काट दिया। 


वीरे यादव स्कूल मरम्मत के काम की जिम्मेदारी दूसरे स्कूल के शिक्षक को देने का दबाव डाल रहे थे। नियमानुसार ऐसा हो नहीं सकता। अगर शिक्षक निर्माण नहीं कराता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की जानकारी आला अधिकारियों को भी दे रहा हूं। -मसीहुज्जमा सिद्दीकी, बीएसए हरदोई


वीरे यादव जिला इकाई में महासचिव हैं। उनके बारे में मुझसे क्या पूछते हो सभी जानते हैं। फिलहाल मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। अगर उन्होंने बीएसए से अभद्रता की है तो गलत है। इससे सरकार और पार्टी की छवि धूमिल होगी। बीएसए सज्जन आदमी हैं, अगर शिकायत आती है तो मामले की जांच कराऊंगा। शिकायत आलाकमान से भी  की जाएगी। - शराफत अली, जिलाध्यक्ष सपा

मैं सपा पदाधिकारी हूं। जनता की समस्याएं हल कराना जिम्मेदारी है। श्रीमऊ स्कूल का प्रभारी प्रधानाध्यापक काम नहीं करना चाहता है, इसलिए दूसरे को निर्माण की जिम्मेदारी दिलाना चाहता हूं ताकि समय पर काम हो जाए। अगर अधिकारी काम नहीं करेंगे तो सख्ती बरती जाएगी। मैंने बीएसए को कुछ भी गलत नहीं कहा है। -वीरेंद्र सिंह यादव, जिला महासचिव सपा
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