परिषदीय विद्यालयोें में 20 मई से ग्रीष्म कालीन
अवकाश होने जा रहा है। वहीं कुछ निजी स्कूल तो 15 मई से बंद कर दिए गए, पर
कई निजी स्कूलों में 30 मई तक खोलने का फरमान सुना दिया गया। यह स्थिति तब
है जब तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है।
ऐसे में जो स्कूल
जिले में खुले हैं, उनमें कक्षाओं मेें बैठने वाले बच्चों की गर्मी में
हालत खराब है। ज्ञात हो कि हर माह बच्चों से फीस और अन्य सुविधाएं देने के
नाम भारी भरकम शुल्क लेते हैं, मगर सुविधाओं के नाम पर उनके यहां इस भरी
गर्मी में पंखे तक नहीं चल पा रहे हैं।
दो-दो मंजिला भवन बनाकर बच्चों को
तपती छतों के नीचे 42 डिग्री तापमान के स्तर पर स्कूल आने को मजबूर करने
वाले इन स्कूलों के प्रबंधतंत्र को न तो बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता है
और न ही अभिभावकों की भावनाओं की कद्र लिहाजा बच्चों को तपती दोपहरी में
बिलबिलाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
हद तो यह हो गई है कि इन स्कूलों ने
गर्मी शुरू होने के बाद टाइमिंग तक नहीं बदली। सरकारी स्कूल गर्मी से सुबह 7
से 12 संचालित हैं, तो प्राइवेट स्कूल सुबह 7 से डेढ़ बजे और 2 बजे तक
संचालित हो रहे हैं, जिससे सुबह 6 बजे घर से निकलने बाले बच्चे दोपहर बाद 3
बजे तक घर पहुंचते हैं।
बच्चों के लिए चिंतित अभिभावकाें ने गुहार
लगाते हुए ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग प्रशासन से की है।
उधर, शहर में निजी क्षेत्र के करीब 50 स्कूल संचालित हैं। इनमें छोटे मझोले
स्कूलों में टाइमिंग सुबह 7 बजे से 12 बजे के आसपास है और तकरीबन सभी
स्कूल 20 मई तक बंद होने वाले हैं।
हालांकि, इनकी ओर से अभी अधिकृत सूचना
जारी नहीं की गई। इनमें से कुछ स्कूल अवकाश कर चुके हैं, पर समर कैंप के
नाम पर बच्चों को स्कूल बुला रहे हैं। इसके अलावा शहर में 6 से अधिक बड़े
स्कूलों में एक स्कूल ने 30 मई तक कक्षाएं संचालित करने के मौखिक निर्देश
विद्यार्थियों को दिए हैं और शहर के ही दो स्कूलों में टाइमिंग सुबह 7 बजे
से डेढ़ बजे तक है।
इसके अलावा एक स्कूल ने अभी अवकाश को लेकर कोई निर्देश
नहीं दिए हैं। दो स्कूलों में टाइमिंग सुबह 7 बजे से एक बजे के आसपास है। उधर,
भीषण गर्मी में स्कूलों के खुलने के समय को लेकर अपने-अपने नियम के बाबत
अपर जिलाधिकारी लक्ष्मी शंकर सिंह ने कहा कि स्कूलों के संचालन में मानकों
का पालन न करने वाले एवं भवन आदि में बच्चों के लिए समुचित पेयजल, शीतलता,
छाया आदि की व्यवस्था न कराने वालों व मानक के अनुसार अवकाश व टाइमिंग लागू
न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए सभी स्कूलों की
टाइमिंग एवं अवकाश मानक आदि का ब्योरा तलब कराते हुए नियमों का उल्लंघन
करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।