हरदोई। प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था नेकी की दीवार के संयोजक सचिन मिश्रा की मां राजेश्वरी देवी की सोमवार आधीरात के बाद तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में ले गए।
वार्ड बाय ने गंभीर हालत में आए मरीज को चिकित्सक तक पहुंचाया ही नहीं। चिकित्सक ने बाहर आकर देखने से मना कर दिया। परिजन खुद ही स्ट्रेचर पर राजेश्वरी देवी को अंदर ले गए, तब तक उनकी मौत हो गई।
शहर के मोहल्ला आजादनगर निवासी सचिन मिश्रा यूं तो परिषदीय विद्यालय में सहायक अध्यापक हैं, लेकिन सामाजिक संस्था नेकी की दीवार भी चलाते हैं।
उक्त संस्था रक्तदान समेत कई सामाजिक कार्याें में वृहद स्तर पर प्रतिभाग करती है। सचिन मिश्रा की मां राजेश्वरी देवी (80) की तबीयत सोमवार रात लगभग साढ़े 12 बजे अचानक खराब हो गई। परिजन उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। सचिन के मुताबिक यहां तैनात वार्ड बाय ने उनकी मां को अटेंड ही नहीं किया।
चिकित्सक से वार्ड के गेट पर ही राजेश्वरी को देखने का अनुरोध किया, लेकिन चिकित्सक ने अंदर ही लाने को कहा। इस पर सचिन मां के लिए स्ट्रेचर खींच लाए और अंदर ले गए।
तब तक राजेश्वरी देवी की मौत हो चुकी थी। उनकी मौत की जानकारी पर शहर के लोगों ने दुख जताया है। अंतिम संस्कार मंगलवार को गंगा किनारे कुसुमखोर घाट पर हुआ। परिवार में पति, तीन विवाहित पुत्र और तीन विवाहित पुत्रियां हैं।