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Hardoi News: साल 2003 के बाद सूची में शामिल मतदाताओं को बताना होगा पैतृक स्थान

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हरदोई। साल 2003 के बाद गांव व शहर छोड़कर शहर और दूसरे शहरों में बसे लोगों को एसआईआर पुराने घर की याद दिलाएगा। करीब 22 साल बाद हो रहे विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) में साल 2003 के बाद सूची में शामिल मतदाताओं को पैतृक स्थान की जानकारी देनी होगी।
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विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के एसआईआर में साल 2003 के बाद शामिल हुए मतदाताओं की पुष्टि की जा रही है। एसआईआर अभियान में मतदाताओं का विवरण जुटाया जा रहा है। इसमें साल 2003 के बाद मतदाता सूची में शामिल होने वाले मतदाताओं को अपनी स्थायी पहचान बतानी होगी। इसके लिए उन्हें अपने पैतृक स्थान के संबंध में जानकारी देनी होगी। बताया कि जिले के आठ विधानसभा क्षेत्रों में वर्तमान में 30,15,423 मतदाता हैं जबकि साल 2003 में जिले के नौ विधानसभा क्षेत्रों में 20,99,931 मतदाता शामिल थे। साल 2003 से अब तक करीब 9,15,389 मतदाता बढ़े हैं। इस अवधि में गांव से शहर और शहर से दूसरे शहरों में बसे लोगों को अपने पुराने पैतृक स्थान के साथ ही वहां पर पिता के मतदाता होने का मतदाता क्रमांक, मतदान केंद्र व मतदेय स्थल संख्या आदि बतानी होगी।

साल 2003 के बाद पैतृक घर में ही बढ़े मतदाता को सिर्फ गणना प्रपत्र भरना है
विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के चल रहे एसआईआर में साल 2003 के बाद अपने पैतृक घर के पते से ही सूची में शामिल मतदाताओं को सिर्फ गणना प्रपत्र भरना है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि साल 2003 के बाद पैतृक घर के पते से ही बढ़े मतदाताओं को गणना प्रपत्र पर उस समय की मतदाता सूची में परिवार के मुखिया या पिता का नाम, मतदाता संख्या ही दर्ज करनी होगी। उसी आधार पर मतदाता का ब्योरा सही मान लिया जाएगा।
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बीएलओ के पास रहेगी साल 2003 की मतदाता सूची
विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के चल रहे एसआईआर को लेकर प्रशासन गंभीर है। मतदाताओं को एसआईआर में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो इसका भी ध्यान रखा गया है। स्वस्थ और मजबूत लोकतंत्र के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और सही-सही होना आवश्यक है। एसआईआर के लिए बीएलओ को साल 2024 और साल 2003 की मतदाता सूची दी गई हैं। ताकि साल 2003 के बाद सूची में शामिल हुए मतदाता को उस समय के विवरण को जुटाने में दिक्कतें न आएं। बीएलओ के माध्यम से साल 2003 में शामिल रहे परिवार के सदस्यों का विवरण जुटाकर अपने गणना प्रपत्र को सही और शुद्ध रूप से भर सकेंगे। -प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
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