एक बार फिर से खेल जगत में पूरे देश में जिले का नाम
सबसे ऊपर लिया जा रहा है। विशाल ने दिल्ली में हुई नेशनल क्रास बो
प्रतियोगिता में सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन कर यूपी के लिए गोल्ड झटका।
दिनभर बधाइयों का दौर जारी रहा।
15 जनवरी से राजीव गांधी स्टेडियम नई
दिल्ली में होने वाली नेशनल क्रास बो प्रतियोगिता को लेकर उत्तर प्रदेश की
टीम मंगलवार को दिल्ली रवाना हुई थी, जिसमें नेशनल प्रतियोगिता के लिए
प्रदेश टीम में जिले से विशाल सिंह, राहुल मौर्या, हेमंत कुमार, पंकज
कुमार, अनिल कुमार, राघवेंद्र सिंह का चयन किया गया था।
क्रास बो
प्रतियोगिता में यूपी टीम का दबदबा पहले से ही दिखाई दिया। विकलांग होने के
बाद भी तीन चरणों को पार कर विशाल ने यूपी को गोल्ड दिलाया। जिला
क्रीड़ाधिकारी अनिमेष सक्सेना ने बताया कि पहले तीन स्टेट के खिलाड़ियों के
बीच फैसला बराबरी पर ही टिका रहा, जिसके बाद कोई फैसला नहीं हो सका। एक
बार फिर से तीनों को निशाना लगाने का मौका दिया गया।
इन तीनों में से एक
निकल गया तो दोनों में टाई हो गया फिर शेष दो लोगों को मौका दिया गया,
जिसमें विशाल ने फिर से 10 के 10 सटीक निशाना लगाकर यूपी के लिए गोल्ड झटक
लिया। जिले में वापस आने पर विशाल सिंह को जिला क्रीड़ाधिकारी समेत अन्य
अफसरों और खेल प्रेमियों ने बधाई दी।
उधर, एक हाथ से विकलांग होने के
बावजूद यूपी को गोल्ड दिलाने वाले विशाल सिंह रूस या बैंकाक में होने वाली
इंटरनेशनल क्रास बो प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने जाएंगे। जिला
क्रीड़ाधिकारी ने ऐसे संकेत दिए हैं। उधर, नेशनल क्रास बो प्रतियोगिता के
दौरान एक हाथ से विकलांग विशाल ने कहीं पर भी अपने को अन्य से कमजोर नहीं
समझा।
उसने हर दम अपने प्रतिद्वंद्वियों से लोहा लिया और आगे ही चलता चला
गया पीछे मुड़ कर हीं भी नहीं देखा। उधर, विशाल के गांव हस्निापुर जरौली
में सोमवार को मिठाई बांटकर खुशियां मनाईं गईं। विशाल के पिता को पुत्र की
कामयाबी से खुशी का कोई ठिकाना न रहा। ग्रामीणों का कहना था कि विशाल ही
आगे चलकर उनके गांव का नाम रोशन करेगा।