तहसील मुख्यालय पर करोड़ाें खर्च कर बनाए गए सीएचसी
में महकमे की हीलाहवाली से अभी तक उपचार को मरीजों को भर्ती व गर्भवती
महिलाओं के लिए प्रसव की व्यवस्था नहीं है, जिससे लोगों को जिला अस्पताल
जाना पड़ता है, वहीं डीएम द्वारा तीन माह पहले अस्पताल का निरीक्षण करने के
बाद आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
गौरखेड़ा के कटरा-बिल्हौर हाइवे
स्थित सीएचसी सवायजपुर का शिलान्यास 8 सितंबर 01 को हुआ था। जनता को
उम्मीद थी कि अस्पताल का निर्माण होने से काफी सहूलियत मिलेगी, पर ऐसा नहीं
हुआ। आज भी यहां 30 बेड के सापेक्ष 5 बेड ही मुहैया हैं, शेष बेड एक कमरे
में बंद है।
संसाधनों के नाम पर यहां न तो जनरेटर है न ही इनर्वटर। मरीजों
की भर्ती की अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई, न ही जननी सुरक्षा योजना के
तहत गर्भवती महिलाओं के प्रसव का इंतजाम है। अस्पताल में एक एंबुलेंस तक
नहीं है। स्टाफ के नाम पर डा. आनंद पांडेय प्रभारी, बच्चूलाल लैब
टेक्नीशियन, अजीत फार्मेसिस्ट तथा उमा वार्ड आया की ही तैनाती है।
डा.
वंदना तीन दिन यहां तथा तीन दिन हरपालपुर बैठती हैं। अस्पताल में स्वीपर
की तैनाती न होने से दिक्कतें होती है। तीन माह पहले डीएम रमेश मिश्र ने
अस्पताल का निरीक्षण कर यहां की व्यवस्था ठीक करने के निर्देश सीएमओ डा.
वीके गुप्ता को दिए थे, पर कुछ भी नहीं हुआ।
इस बाबत प्रभारी
चिकित्साधिकारी डा. आनंद पांडेय ने बताया कि समस्याओं को लेकर वह सीएमओ को
कई बार पत्र लिख चुके हैं। इस बाबत सीएमओ ने बताया कि डॉक्टरों की कमी है,
फिर भी वह जल्द ही उक्त सीएचसी पर स्टाफ नर्सों की तैनाती कर गर्भवती
महिलाओं के प्रसव को भर्ती व्यवस्था चालू कराएंगे।