माधौगंज/कछौना। माधौगंज के पिपरावां गांव में ग्राम प्रधान के पति का शव घर के अंदर छप्पर में फंदे पर लटका मिला। ग्राम प्रधान ने आत्महत्या की वजह न पता होने की बात कही। वहीं कछौना कोतवाली क्षेत्र में परिजनों की डांट से शर्मिंदा होकर एक क्लीनिक संचालक ने मालगाड़ी के आगे कूद कर जान दे दी।
माधौगंज थाना क्षेत्र के पिपरावां गांव निवासी नन्ही ग्राम प्रधान हैं। वह कस्बा के मोहल्ला पूर्वी पटेल नगर में रहती हैं। गुरुवार को उनके पति अजय (47) का शव घर के अंदर छप्पर में फंदे पर लटका मिला। घटना के समय पत्नी बाहर थी।
घर लौटने पर उन्हें दरवाजा अंदर से बंद मिला। दीवार से चढ़कर अंदर पहुंचे पड़ोसियों ने शव फंदे पर लटका देखा। ग्राम प्रधान का कहना है कि उसे घटना की वजह पता नहीं है। परिवार में तीन बेटे व एक बेटी हैं। एसओ सुब्रत त्रिपाठी ने बताया कि वजह जानने के लिए जांच कराई जा रही है।
कछौना संवाद के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र के गांव भदसेन निवासी दिवाकर (25) अंटवा गांव में क्लीनिक चलाता था। शुक्रवार शाम वह बाइक से दवा लेने निकला था। देर शाम लखनऊ रेल मार्ग पर दलेल नगर रेलवे स्टेशन के पूर्वी केबिन के पास बाइक खड़ी कर मालगाड़ी के आगे कूदकर जान दे दी।
चाचा राजेश ने बताया कि दिवाकर शुक्रवार शाम नशे में घर आया था। इससे उसे डांट दिया गया। परिजनों की डांट से शर्मिंदगी होने पर उसने यह कदम उठाया। बालामऊ जीआरपी प्रभारी रामचंद्र सरोज ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।