फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: 113 दिन बाद वाहनों की फिटनेस जांच फिर से होगी

विज्ञापन
विज्ञापन
ऑटोमैटिक फिटनेस मैनेजमेंट सिस्टम न होने से बंद हुई थी व्यवस्था
विज्ञापन




वाहन स्वामियों को 110 किमी की लगानी पड़ रही दौड़, अब मिली राहत



संवाद न्यूज़ एजेंसी



हरदोई। पिछले चार महीनों से वाहनों की फिटनेस के लिए भटक रहे जनपद के वाहन स्वामियों को जल्द ही राहत मिल सकेगी। करीब 113 दिनों के लंबे इंतजार के बाद स्थानीय स्तर पर एक बार फिर वाहनों की फिटनेस जांच प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। ऑटोमैटिक फिटनेस मैनेजमेंट सिस्टम की अनिवार्यता और तकनीकी संसाधनों के अभाव में यह व्यवस्था ठप हो गई थी, इसके कारण जिले के हजारों वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।



केंद्र सरकार ने बीती पांच जनवरी को मैनुअल फिटनेस की व्यवस्था बंद कर इसे पूरी तरह ऑटोमैटिक कर दिया गया था। जिले में यह सिस्टम उपलब्ध न होने के कारण वाहन स्वामियों को फिटनेस के लिए करीब 110 किलोमीटर की दूरी तय कर लखनऊ तक दौड़ लगानी पड़ रही थी। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही थी, बल्कि वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा था। इतना ही नहीं बैटरी चलित ई-रिक्शा तो वहां तक पहुंच भी नहीं पा रहे थे, वाहन स्वामियों को तमाम समस्याओं को सामना करना पड़ता था। इसमें ही राहत देने के लिए सरकार ने 113 दिन बाद 29 अप्रैल को फैसला पलटते हुए मैनुअल फिटनेस के निर्देश दे दिए हैं। हालांकि, जनपद के लिए यह मोहलत 31 दिसंबर तक के लिए दी गई है। इस बीच जनपद में ऑटोमैटिक फिटनेस मैनेजमेंट सिस्टम को विकसित करना होगा।
विज्ञापन




लखनऊ तक नहीं लगानी पड़ेगी दौड़


फिटनेस जांच फिर से मैनुअल होने से जनपद के करीब डेढ़ लाख से अधिक चौपहिया और वाणिज्यिक वाहन स्वामियों को राहत मिली है। पांच जनवरी को हुए आदेश के बाद वाहन स्वामियों को अपने वाहन लेकर लखनऊ जाना पड़ रहा था लेकिन अब मैनुअल जांच होने से काफी भागदौड़ बच गई है।
विज्ञापन




वर्ज़न
फिटनेस जांच दोबारा होने की जानकारी हुई है, अभी लिखित आदेश नहीं आया है। आदेश आते ही फिटनेस जांच शुरू हो दी जाएगी। लखनऊ से आरआई भी सप्ताह में तीन दिन आते हैं तो जांच भी पहले की तरह से हो सकेगी।-अरविंद कुमार सिंह, एआरटीओ, हरदोई
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें