फोटो 39: लोकार्पण समारोह के लिए अधिग्रहीत किसानों की भूमि की पैमाइश करतीं राजस्व टीम। संवाद
फोटो 40: खेत में बनाए गए हेलीपैड की ईंटों को उखाड़ती जेसीबी मशीन। संवाद
गंगा एक्सप्रेसवे : लोकार्पण स्थल की पैमाइश कर किसानों को लौटाई जा रही भूमि
- 1080 किसानों से ली गई थी 144 हेक्टेयर भूमि
- एसडीएम ने दो टीमों के माध्यम से शुरू कराई पैमाइश
संवाद न्यूज एजेंसी
मल्लावां। गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण समारोह के लिए ली गई किसानों की भूमि को पैमाइश के साथ वापस लिए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। तहसील बिलग्राम की दो राजस्व टीमों ने पैमाइश के साथ ही चूना डालकर भूमि का चिह्नीकरण शुरू किया है। वहीं किसान के खेतों में बनाए गए हेलीपैड की ईंटों आदि को उखाड़ने का भी काम कराया जा रहा है।गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण समारोह के लिए प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए 144 हेक्टेयर भूमि अस्थाई तौर पर अधिग्रहीत की गई थी। किसानों को फसल का मुआवजा दिए जाने के साथ ही भूमि पर कब्जा दिलाया जा रहा है। एसडीएम एन राम ने भूमि की पैमाइश और चिह्नीकरण के लिए दो टीमों का गठन किया है। मोहल्ला श्यामपुर, बंदीपुर और कल्यानपुर के मध्य भूमि ली गई थी।
जनसभा आदि के लिए भूमि को समतल किए जाने से खेतों की मेड़ आदि दब गई थी। राजस्व निरीक्षक परमेश्वरदीन, अहिबरन लाल ने 16 राजस्व कर्मियों के साथ शुक्रवार से पैमाइश शुरू कर दी है। वहीं टेंट आदि को भी हटाया जा रहा है। हेलीपैड से निकाली गईं ईंट कोतवाली में जमा की जा रही हैं।