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कभी बीमार तो कभी चुनाव में हाफी, पर वैक्सीनेशन से दूर रही यह खाकी

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हरदोई। थानों से लेकर पंचायत चुनाव के बूथों तक पर कोरोना काल में तैनात रहे पीआरडी जवान अपनी जान लड़ा कर दायित्वों को तो निभा गए पर अपने व अपनों के लिए अब तक वैक्सीनेशन नहीं कराया।
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फ्रंट लाइन में रहने के बावजूद एहतियात से दूर युवा कल्याण विभाग ने अब पूरे जिले में सक्रिय एक हजार से अधिक पीआरडी जवानों के वैक्सीनेशन को लेकर योजना बनानी शुरू की है।
युवा कल्याण विभाग के अधीन जिले के 19 ब्लाकों में 19 ब्लाक कमांडर और उनके अधीन 1000 से अधिक पीआरडी जवान सक्रिय हैं। जिनमें से दो सौ से अधिक जवान प्रतिमाह बदल बदल कर सरकारी विभागों में ड्यूटी कर ही रहे हैं।
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इसके अलावा पंचायत चुनाव में पांच सौ जवानों ने थानों से लेकर बूथों तक पर कोरोना काल में अपने दायित्वों का पूर्ण निर्वहन किया। इस बीच कई जवान बीमार भी रहे।
लेकिन हैरानी की बात ये है कि किसी ने भी अपने व अपने परिवार की खातिर वैक्सीनेशन नहीं कराया। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद विभाग अब योजना बनाने में जुट गया है। हैरानी की बात यह भी विभाग के हाकिम जिला युवा कल्याण अधिकारी पीके मिश्रा भी वैक्सीनेशन से अब तक वंचित हैं।
आज ही बैठक बुलाकर योजना बनाऊंगा
जिला युवा कल्याण अधिकारी पीके मिश्रा का कहना है कि उनका टीकाकरण अब तक न कराना सिर्फ व्यस्थता रही। वह टीकाकरण कराने के लिए पंजीयन करा चुके है।
जिले के जवानों के वैक्शीनेशन के लिए मंगलवार को ब्लाक कमांडरों की बैठक बुलाई है। जिसमें सभी को निर्देश दिए जाएंगे कि अपने बीडीओ, पीएचसी व सीएचसी प्रभारियों से मिलकर टीकाकरण की पूर्ण योजना बनाएं। तिथि निर्धारित करें और शत प्रतिशत जवानों के टीकाकरण करवाएं।
जान है तो जहान है कि तर्ज पर करवाया टीकाकरण
क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी पीके सिंह का कहना है कि जान है तो जहान है। कोरोना से बचने को जो साधन या संसाधन हमारे पास मौजूद हैं। उनमें सावधानियां, मास्क, सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग व वैक्सीनेशन अहम है। इसलिए वह अब तक दोनों डोज ले चुके हैं। अपने को कहीं न कहीं कोरोना से जंग में सक्षम मानते हैं।
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