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Hardoi News: यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक हटाए गए, विनय को मिली जिम्मेदारी

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इंपैक्ट 26 : 18 अगस्त के अंक में प्रका​शित खबर।
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हरदोई। शासन ने काम में लापरवाही पर उप्र प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लि. (यूपीपीसीएल) के परियोजना प्रबंधक को हटा दिया है। तय समय में आमजन से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को पूरा न करा पाने पर सिंचाई और जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव ने परियोजना प्रबंधक तरुण चतुर्वेदी को हटाकर उनके स्थान पर विनय जैन को जिम्मेदारी दी है।
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आमजन से जुड़े कार्यों में कार्यदायी संस्था के तौर पर यूपीपीसीएल के अधिकारी और काम करा रहे ठेकेदारों की लापरवाही से तय समय में चार परियोजनाएं पूरी नहीं हो पाईं। अमर उजाला ने काम पूरा न होने से जुड़ी खबर को 18 अगस्त के अंक में लापरवाही तो कहीं बजट का रोड़ा, पूरी नहीं हो पाईं परियोजनाएं शीर्षक से प्रमुखता से खबर दी थी जिसमें काम पूरा न होने से आमजन से लेकर सरकारी कर्मियों तक को होने वाली दिक्कतों को उठाया गया था।
तय समय में काम पूरा न होने पर डीएम अनुनय झा ने इसको गंभीरता से लिया। यूपीपीसीएल की तरफ से कराए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की जिसमें काम कराए जाने में लापरवाही सामने आई। उन्होंने सिंचाई और जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर परियोजना प्रबंधक के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की थी।
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इन कामों को समय से पूरा नहीं करा पाया यूपीपीसीएल
यूपीपीसीएल की तरफ से भदैचा गांव में 50 बेड का एकीकृत आयुष चिकित्सालय, संडीला के महम्मदपुर कृषि फार्म पर गोदाम और नवीन कोतवाली सवायजपुर में आवासीय भवन और पाली में बस स्टेशन का काम कराया जाना है। एकीकृत आयुष चिकित्सालय के लिए शासन ने फरवरी 2022 में 15,06,00,000 रुपये की स्वीकृति और 10,83,00,000 रुपये भी दे दिए थे। न तो काम हुआ और न ही पहली किस्त के रुपये खर्च हो पाए। भदैचा में 9,55,00,000 रुपये ही खर्च हो पाए। फरवरी 2025 में चिकित्सालय स्वास्थ्य विभाग को मिल जाना चाहिए था।
महम्मदपुर में गोदाम निर्माण के लिए 5,29,00,000 रुपये की स्वीकृति जनवरी 2022 में मिली और काम दिसंबर 2024 तक होना था। गोदाम बनवाए जाने के लिए 5,29,00,000 रुपये भी दे दिए गए पर काम अधूरा है। नवीन कोतवाली सवायजपुर में आवासीय भवन के लिए 9,28,00,000 रुपये की स्वीकृति मार्च 2023 में मिली और काम के लिए 7,45,00,000 रुपये मिले और काम पूरा नहीं हो पाया। ऐसे ही पाली बस स्टेशन का भी काम पूरा नहीं हुआ।
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