- पीड़िता से ननिहाल में हुई थी घटना, सात साल बाद आया फैसला
संवाद न्यूज़ एजेंसी
हरदोई। नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के सात साल पुराने मामले में मामा को दोषी करार देते हुए विशेष न्यायाधीश (पॉस्को एक्ट) मनमोहन सिंह ने 20 साल की सजा सुनाई है।
साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जुर्माने की पूरी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को देने के आदेश भी अपर जिला जज ने दिए हैं।
टडियावां थाना क्षेत्र के गांव निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 20 अक्टूबर 2017 की शाम करीब छह बजे उनकी नातिन (14) खेत गयी थी। खेत से लौटते समय रास्ते में गांव के बबलू उर्फ रामकिशोर ने (जो पीड़िता के रिश्ते में मामा है) गलत नियत से पकड़ लिया। बाग में ले जाकर दुष्कर्म किया था।
किशोरी की हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की थी। मामले की विवेचना के दौरान पता चला था कि किशोरी के दादी-बाबा की मौत हो चुकी थी। उसका पिता भी मंदबुद्धि का हो गया था। इसकी वजह से किशोरी ननिहाल में रहती थी। अभियोजन पक्ष से आठ गवाह को पेश किया गया व इसके साथ ही 11 अभिलेखीय की साक्ष्य भी पेश किए गए। पूरे मामले में 133 पेशियों पर सुनवाई के बाद अपर जिला जज ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।