हरदोई। शहर कोतवाली क्षेत्र के रद्धेपुरवा मार्ग पर सधई बेहटा के पास बृहस्पतिवार सुबह घने कोहरे में तेज रफ्तार डंपर ने ई-रिक्शा में टक्कर मार दी। घटना में ई-रिक्शा सवार तीन छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को मेडिकल कॉलेज लाया गया। यहां दो को मृत घोषित कर दिया गया। एक को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। घटना के बाद चालक डंपर छोड़कर भाग गया।
दिल्ली के जामिया नगर थाना क्षेत्र के ओखला गांव निवासी मोहम्मद अरशद खान (50) प्राइवेट शिक्षक थे। बिलग्राम नगर के मोहल्ला काजीपुरा निवासी साढू हसीब अहमद के मुताबिक, अरशद का उनकी पहली पत्नी से अलगाव हो गया था। उन्होंने निखत शगुफ्ता से दूसरा निकाह किया था। इसके बाद से अरशद लखनऊ के बालागंज थाना क्षेत्र के कैंपल रोड पर रहते थे। अरशद हरदोई के अल्लीपुर के एक महाविद्यालय से अंग्रेजी विषय से एमए भी कर रहे थे। वह प्रथम वर्ष के छात्र थे। बृहस्पतिवार को उनकी परीक्षा थी। इसलिए वह बुधवार की रात हसीब के यहां आ गए थे।
बृहस्पतिवार सुबह वह परीक्षा देने के लिए घर से निकले थे। पिहानी चुंगी से अल्लीपुर जाने वाले ई-रिक्शा पर बैठे थे। ई-रिक्शे में बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के सहिजना गांव निवासी अमर प्रताप सिंह (18) और लखनऊ जनपद के जानकीपुरम थाना क्षेत्र के जानकी विहार कॉलोनी निवासी हर्ष शर्मा (22) भी बैठे थे। अल्लीपुर जाते समय सधई बेहटा के पास डंपर ने ई-रिक्शा में टक्कर मार दी। इस कारण तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एंबुलेंस से तीनों को मेडिकल कॉलेज पहुंंचाया। यहां चिकित्सक ने हर्ष और अरशद को मृत घोषित कर दिया और अमर प्रताप सिंह को लखनऊ रेफर कर दिया।
अमर प्रताप के पिता अनिल सिंह के मुताबिक, अमर की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतक हर्ष अपनी मां की इकलौती संतान, अविवाहित थे। अरशद की पहली पत्नी से दो पुत्र हैं। दोनों पुत्र दिल्ली में रहते हैं। दूसरी पत्नी से उनकी कोई संतान नहीं है।
शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि घटनास्थल से डंपर और ई-रिक्शा के चालक भाग गए। मौके से डंपर को कब्जे में लिया गया है। डंपर के नंबर के आधार पर चालक की तलाश की जा रही है।
पति के बाद अब इकलौते पुत्र को भी खोया
हर्ष के मामा रितुराज पांडेय के मुताबिक, हर्ष अल्लीपुर महाविद्यालय से भौतिक विज्ञान विषय से एमएससी कर रहे थे। उनका प्रथम वर्ष था। हर्ष के पिता संजय शर्मा की पांच साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद से हर्ष की मां चित्रा शर्मा प्राइवेट स्कूल में पढ़ा कर अपना और हर्ष का पालन पोषण कर रही थीं। हर्ष सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे। इन दिनों वह ट्यूशन भी पढ़ा रहे थे। पति के बाद पुत्र के शव को देख चित्रा बदहवास हो गईं।
तीन और छात्र भी थे सवार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ई-रिक्शे में तीन और छात्र भी सवार थे। यह तीनों छात्र भी परीक्षा देने अल्लीपुर जा रहे थे। इनके मामूली चोटें आई थीं और यह उधर से गुजर रहे दूसरे वाहनों से परीक्षा देने के लिए चले गए। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि तीन और लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।