हरदोई। शहर में ज्वैलरी शॉप में हुई चोरी के आरोपी के दो करीबी दोस्तों ने मंगलवार सुबह अलग अलग स्थानों पर फंदा लगा लिया।
इनमें से सरॉय थोक पश्चिमी निवासी दोस्त की मौत हो गई, जबकि दूसरा बच गया। बेटी ने शव देखकर शोर मचाया, तो बड़ी संख्या में पड़ोसी एकत्र हो गए। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी और शहर कोतवाल ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। चर्चा है कि दोस्त के नाम जेवर चोरी की एफआईआर दर्ज होने से घबराकर युवक ने खुदकुशी की है।
सरॉय थोक पश्चिमी निवासी अरविंद गुप्ता (40) प्लाटिंग का काम करते थे। मंगलवार सुबह वह घर से कुछ ही दूरी पर स्थित पकरिया चौराहा गए थे। यहां से उन्होंने चाय बनाने के लिए दूध खरीदा और फिर वापस घर चले गए। घर में पहुंचकर उन्होंने अपनी पुत्री अंबी (13) को अपना मोबाइल दे दिया। इसके बाद अपने कमरे में चले गए। यहां रस्सी से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। कुछ देर बाद कमरे में गई अंबी ने पिता का शव लटकते देखा तो रोने लगी। शोर सुनकर आस पास के लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र, शहर कोतवाल संजय त्यागी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी घटना की जांच की। प्राथमिक जांच में पता चला है कि शहर में एक ज्वैलरी शॉप में हुई चोरी के आरोप में अरविंद के दोस्त बालकृष्ण के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। पुलिस बालकृष्ण को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इसी दौरान कुछ लोगोें ने अरविंद से भी घटना के बारे में सामान्य चर्चा की थी। माना जा रहा है कि इसी से घबराकर उसने खुदकुशी की है।
...ढाई साल पहले बालकृष्ण ने बेचा था सोना, मुझे नहीं पता था चोरी का है
खुदकुशी करने वाले अरविंद गुप्ता के पास से पुलिस काे एक सुसाइड नोट भी मिला है। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि दो पन्नों के सुसाइड नोट में अरविंद ने बालकृष्ण के साथ दोस्ती का जिक्र किया है। यह भी लिखा है कि अब से लगभग ढाई साल पहले बालकृष्ण उसके पास आया था। बालकृष्ण ने उसे बताया था कि उसे उधारी चुकानी है। सोने का कुछ सामान है, उसे खरीद लो। इस पर यह सामान खरीद लिया, लेकिन यह नहीं पता था कि सामान चोरी का है। एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि सुसाइड नोट मिला है। उसका परीक्षण किया जा रहा है। इसे भी जांच में शामिल किया जाएगा।
बाकू शुक्ला बच गया पर न मेडिकल कॉलेज में न घर में
अरविंद और बालकृष्ण का एक दोस्त मनोज शुक्ला उर्फ बाकू है। बाकू ने भी मंगलवार सुबह फंदा लगाकर खुदकुशी करने की कोशिश सुभाष नगर में किराए के मकान में की थी। फंदा लगाने के लिए इस्तेमाल की गई रस्सी टूट गई तो वह जमीन पर आ गिरा। उसे बचा लिया गया। बचाए जाने के बाद न तो वह मेडिकल कॉलेज में खोजे मिला और न ही घर पर। मनोज शुक्ला मूल रूप से बरेली का रहने वाला है। एक साल पहले तक वह बालकृष्ण के मकान के सामने स्थित एक मकान में किराए पर रहता था। बाकू को मिर्गी के दौरे आते हैं। पिता रेलवे में थे और उनकी मौत हो चुकी है। परिवार में मां है। एक भाई लखनऊ में एमआर है और दो बहने हैं। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बाकू के बारे में कोई जानकारी होने से इनकार किया है।