मल्लावां। मल्लावां कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत उन्नाव मार्ग पर चुंगी नंबर दो के पास सड़क किनारे झोपड़ी के बाहर सो रहे परिवार पर बालू लदा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया।
घटना में एक ही परिवार की तीन पीढि़यों के आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि एक मासूम घायल हो गई। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद बालू हटाकर शव निकाले जा सके। घटना की जानकारी पर डीएम और एसपी भी घटनास्थल पर पहुंचे। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। पुलिस ने ट्रक चालक और हेल्पर को हिरासत में ले लिया है।
मल्लावां कस्बे में उन्नाव मार्ग पर मोहिउद्दीनपुर में नट बिरादरी के लोग सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर कई दशक से रह रहे हैं। इन्हीं में शामिल अवधेश उर्फ बल्ला (45), पत्नी सुधा उर्फ मुंडी (42), पुत्री सुनैना (11) राधारानी उर्फ लल्ला (5), बुद्धु (4), हीरो (22) और हीरो का पति बिलग्राम कस्बे के मोहल्ला कासूपेट निवासी करन (24), उसका पुत्र बिहारी उर्फ कोमल (5) व पुत्री बिट्टू (4) मंगलवार की रात भीषण गर्मी होने के कारण अपनी झोपड़ी के बाहर सोए थे। आधी रात लगभग डेढ़ बजे कानपुर की तरफ से आया बालू लदा ट्रक स्पीड ब्रेकर से गुजरते समय अनियंत्रित होकर सड़क किनारे सो रहे लोगों पर पलट गया। बालू लदा ट्रक पलटने की जानकारी से पड़ोसियों में भगदड़ मच गई।
घटना की जानकारी पुलिस को देने के साथ ही पड़ोस के लोग हाथों से ही बालू हटाने की कवायद करने लगे। इसी बीच हादसे के बाद करीब 20 मिनट में पहुंचे नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि परवेज ने जेसीबी मंगवाई। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बालू के नीचे लोगों के दबे होने के कारण धीरे-धीरे बालू हटाई गई। सुबह लगभग पांच बजे ट्रक और बालू के नीचे दबे बल्ला, सुधा, सुनैना, राधारानी, बुद्धु, हीरो, करन और बिहारी उर्फ कोमल के शव निकाल लिए गए, जबकि बिट्टू जीवित मिली। बिट्टू को आनन फानन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्लावां में भर्ती कर उपचार शुरू कराया गया।
डीएम मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक केसी गोस्वामी भी सुबह सात बजे घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्याें का जायजा लेने के साथ ही घटना की वजह को लेकर जानकारी की। घटना के चलते सुबह छह बजे तक उन्नाव मार्ग पर यातायात भी बाधित रहा। क्रेन से ट्रक को हटवाया गया। डीएम ने बताया कि नियमानुसार मुआवजा दिए जाने की कार्रवाई की जाएगी।