हरदोई। अवधेश और सुधा के सात बच्चे थे। सबसे बड़ी बेटी हीरो के बाद पुत्र बंटी और कौशल फिर पुत्री दामिनी, सुनैना, लल्ला और बुद्धु सबसे छोटी थी।
मंगलवार रात गर्मी ज्यादा होने के कारण अवधेश की बेटी हीरो और उसका पति करन भी झोपड़ी के बाहर चारपाई डालकर सो गए। यहां जगह न बचने पर अवधेश का पुत्र बंटी और पुत्री दामिनी पड़ोस में रहने वाले अपने ताऊ छन्नू की झोपड़ी के बाहर जाकर चारपाई डालकर सो गए। यह दोनों वहां साे रहे थे। इसलिए इन दोनों की जान बच गई, जबकि कौशल ढोलक बजाने के लिए बालाजी जागरण में गया था।
अवधेश उर्फ बल्ला का पुत्र कौशल ढोलक बजाता है। हुनरमंद होने के कारण लोग उसे बालाजी जागरण, देवी जागरण समेत अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आमंत्रित करते हैं। इससे मिलने वाले धन से कौशल अपने परिवार की आर्थिक मदद भी करता है।
मंगलवार रात वह बालाजी के जागरण में ढोलक बजाने के लिए उन्नाव के एक गांव गया था। वहां उसे बुधवार सुबह भाई बंटी ने घटना की जानकारी देने के लिए मोबाइल पर फोन किया, लेकिन चीख पुकार की आवाज सुनकर ही उसे एहसास हो गया कि कुछ अनहोनी हुई है। वह आधे घंटे में ही वापस घर पहुंच गया और तब तक यहां सब कुछ बिखर चुका था।
हादसे में आठ लोगों की मौत होने की जानकारी पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी घटनास्थल पर पहुंचीं। घटनास्थल का जायजा लेने के बाद वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गईं और मृतकाें के रिश्तेदारों को ढांढस बंधाया। क्षेत्रीय विधायक आशीष सिंह आशू के दिल्ली में होने के कारण उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह घटनास्थल पर पहुंचीं।
उन्होंने भी पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। विधायक ने शासन से वार्ता कर मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद दिलाए जाने को लेकर बात किए जाने का दावा किया है।