हरदोई। त्योहार के बाद अब प्रवासियों की वापसी का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में एक बार फिर से जिले से दिल्ली और पंजाब की तरफ जाने वाली ट्रेनों में आरक्षण के लिए मारामारी शुरू हो गई है। दिल्ली और पंजाब जाने वाली किसी भी ट्रेन में नवंबर के पहले सप्ताह तक आरक्षण नहीं हैं। कई ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची सौ को पार कर गई है।
जिले के अधिकांश लोग दिल्ली और पंजाब के अलग अलग शहराें में रहकर रोजगार और पढ़ाई करते हैं। त्योहार पर तमाम लोग घर आए और अब त्योहार मनाने के बाद वापसी करने लगे हैं। इसको लेकर अब ट्रेनों में एक बार फिर से भीड़ बढ़ गई है। अधिक भीड़ के कारण ट्रेन के डिब्बों में पैर रखने का स्थान नहीं मिल रहा है। जनरल डिब्बों की दशा तो यह है कि लोगों को दरवाजे के अंदर घुसने का भी मौका नहीं मिल रहा है। दरवाजे के सहारे लोग लटके हुए यात्रा करने को मजबूर हैं। यही स्थित आरक्षित डिब्बों की भी है। आरक्षण फुल हो चुके हैं, जिनका आरक्षण हैं उन्हें तो दिक्कत नहीं हो रही है लेकिन जिनका टिकट नहीं हो पाया। वह लोग तत्काल टिकट के लिए रात-रात भर से लाइन लगाने को मजबूर हो रहे हैं। ट्रेनों में सौ से अधिक प्रतीक्षा सूची पहुंच जाने की वजह से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
नवंबर के पहले सप्ताह तक के लिए सभी ट्रेनें फुल
हरदोई। दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में पद्मावत एक्सप्रेस के स्लीपर श्रेणी में सबसे अधिक 68 वेटिंग व एसी में 30 तक प्रतीक्षा सूची पहुंच चुकी है। लखनऊ मेल में स्लीपर की अधिकतम 107 प्रतीक्षा सूची और एसी की 23 प्रतीक्षा सूची है। अवध आसाम एक्सप्रेस में छह नवंबर तक सभी श्रेणियों में अब नो-रूम आ गया है। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस भी यही हाल है। आंनद विहार सुल्तानपुर एक्सप्रेस में भी प्रतीक्षा सूची है। हालांकि छपरा दिल्ली एक्सप्रेस में सीटे मौजूद हैं। इसी प्रकार पंजाब जाने वाली ट्रेनों में भी लोगों को आरक्षण नहीं मिल रहा है।