फोटो-37- नैमिषारण्य में मुंडन कराने पहुंचे विवेक शुक्ला। स्रोत: स्वयं
- जम्मू व पंजाब जाने वाली ट्रेनों में निरस्त हुए आरक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध की आशंका काे लेकर सैलानियों में दहशत आ गई है। माता वैष्णों देवी के दर्शन के साथ पर्यटन स्थलों पर जाने वालों की संख्या में कमी आई है। जिले से भी तीन दिन में 61 आरक्षण निरस्त किए गए है। जम्मू और पंजाब जाने वाली ट्रेनों में मौजूदा सीट उपलब्धता मिल रही है और प्रतीक्षा सूची में भी कमी आ गई है।
जम्मू, चंडीगढ़, लुधियाना समेत पूरे पंजाब और माता वैष्णो देवी मंदिर में हमले की आशंका पर ब्लैकआउट कर दिया गया था। जम्मू जाने वाले रेल यात्रियों के मन में युद्ध को लेकर दहशत है। इसको लेकर लोग जम्मू के लिए कराए आरक्षण को निरस्त कराने पहुंचने लगे हैं। युद्ध की आशंकाओं के बीच 7 मई को 5 यात्रियों, 8 मई को 44 यात्रियों ने अपना आरक्षण निरस्त कराया। इसमें रेलवे को 26750 रुपये की वापसी करनी पड़ी।
लुधियाना व चंडीगढ़ जाने वाले लगभग 12 रेल यात्रियों ने 8 मई को आरक्षण को निरस्त कराया। आरक्षण काउंटर खुलने तक आरक्षण निरस्त होने की संभावना है। ऑनलाइन पोर्टल भी कई लोग आरक्षण कराते हैं, अधिकारियों का मानना है कि ऑनलाइन आरक्षण भी निरस्त हुए हैं। आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर शुक्रवार को जाने वाली कानपुर जम्मू तवी सुपरफास्ट एक्सप्रेस में स्लीपर क्लास में मौजूदा सीटों में 147, जबकि थर्ड एसी इकोनॉमी में 9 और थर्ड एसी में 25 सीटें उपलब्ध दिखीं। सीएमआई ने बताया कि आरक्षण निरस्त हुए हैं। प्रतीक्षा सूची में भी कमी आई है।
इन ट्रेनों में कम हुई प्रतीक्षा सूची
जम्मूतवी जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों को लंबी-लंबी वेटिंग मिला करती थी। लेकिन अचानक प्रतीक्षा सूची में कमी आई है। ट्रेन संख्या 13151 सियालदह एक्सप्रेस के स्लीपर में 10 मई को 36 वेटिंग, 11 मई को 14 वेटिंग, 12 मई को 26 वेटिंग, 13 मई को 9 वेटिंग, 14 मई को 15 वेटिंग है। चंडीगढ़ जाने वाली 12231 लखनऊ चंडीगढ़ सुपरफास्ट एक्सप्रेस के स्लीपर में 39 से लेकर 85 वेटिंग तक मिल रही है। चंदौसी के रास्ते सहारनपुर होते हुए चंडीगढ़ जाने वाली 15011 चंडीगढ़ एक्सप्रेस के स्लीपर में 40 से 50 वेटिंग मिल रही है। रेल यात्रियों को हरदोई से होकर अंबाला लुधियाना जाने वाली ट्रेनों में भी अब कम वेटिंग मिल रही है।
वैष्णो देवी जाना था, नैमिषारण्य में कराया मुंडन संस्कार
रेलवे में गैंगमैन पद पर कार्यरत कछौना पतसेनी निवासी विवेक शुक्ला को 9 मई को अपनी बेटी अनिका का मुंडन संस्कार कराने वैष्णो देवी जाना था। उन्होंने आरक्षण भी करा रखा था। लेकिन अचानक से युद्ध के बादल छा जाने से उन्होंने अपना आरक्षण निरस्त करा दिया है और अब नैमिषारण्य में जाकर पुत्री का मुंडन संस्कार कराया है।