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...उनके हर ख्वाब सलामत रखना

Sun, 08 Feb 2015 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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‘प्यार शब्दों का मोहताज नहीं होता, दिल में हर किसी का राज नहीं होता, क्यों इंतजार करते हैं सभी वैलेनटाइन डे का, क्या साल का हर दिन प्यार का हकदार नहीं होता’ वैसे तो यह पंक्तियां साफ तौर पर प्यार को वक्त व दिनों के फेर में नहीं बांधती, पर सच यह भी जब प्यार की अभिव्यक्ति करने का खास मौका सामने होता है तो हर कोई अपने भावों को समझाने को सहारे की तलाश करने लगता है।
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वैलेनटाइन वीक भी इसी अभिव्यक्ति के लिए जाना जाता है। फिलहाल इस वीक की शुरुआत के पहले दिन शनिवार से ही शहर में तैयारियों का जोर दिखने लगा है। हर कोई खास उपहार देने के लिए सजे बाजारों में इधर-उधर मंडराते दिखे। प्यार के रिश्ते में दूरियों के लिए कोई जगह नहीं होती।

नजदीकियां एक दूसरे को समझने में बड़ी सहायक होती हैं। शायद इसीलिए संत वैलेनटाइन ने प्रेमियों को विवाह से पूर्व एक दूसरे को समझने का पूरा मौका दिया। शनिवार को वैलेनटाइन डे वीक  का पहला दिन रोज डे के रूप में मनाया गया, जिसके चलते शहर में फूल विक्रेताओं के यहां गुलाब के फूलों की खूब बिक्री हुई।
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गिफ्ट कार्नरों एवं फूलों की दुकानों पर अपने किसी खास के लिए खास उपहार तलाशने के लिए दर्जनों नजरें दौड़ती रही। शहर के सिनेमा चौराहे, सदर बाजार, स्टेशन रोड सहित अन्य मार्गों पर जहां फूलों की बिक्री हुई ही, इसके अलावा रोज डे की नजाकत व अहमियत को देखते हुए भी जगह-जगह फूलों की बिक्री बढ़ा दी गई। फुटपाथ पर फूलों की दुकानों को सजा दिया गया।

यह बात और है कि फूलों के तेवर बाजारों में बढ़े चढ़े दिखाई दिए, तो वहीं उपहारों की खरीद का क्रम भी जारी रहा। उधर, वैलेनटाइन वीक एक ग्लोबल फेस्टिवल बन गया है। युवा वर्ग क ा कहना है कि बने भी क्यों न, जबकि इस दुनिया को फोरम की आवश्यकता है और जो त्योहार हमें आपस में प्रेम रखना सिखाता है, वह तो और भी जरूरी होता है। यह त्योहार हर देश में सात फरवरी से 14 फरवरी तक अलग-अलग अंदाज में मनाया जाता है।
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