शहर कोतवाली क्षेत्र के धर्मशाला रोड़ स्थित लक्ष्मी
नर्सिंग होम में शनिवार की सुबह जनरेटर चलाने के दौरान चौकीदार की शाल
जनरेटर की पुल्ली में फंस गई, जिससे घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई।
जानकारी मिलने पर पहुंचे परिजनों का शव देखते ही कोहराम मच गया।
सूचना पर
पहुंची कोतवाली पुलिस ने मृतक का पंचनामा भर शव पोस्टमार्टम को भेजा। मिली
जानकारी के अनुसार, शहर कोतवाली क्षेत्र के लक्ष्मी नर्सिंग होम में ग्राम
कसियापुर निवासी धीरेंद्र (35) पुत्र अवधेश चौकीदार के पद पर तैनात थे। वह
अस्पताल की अन्य जिम्मेदारियों को भी निभाते रहते थे।
बताया जाता है कि
बिजली जाने पर वह अस्पताल में जनरेटर भी चलाते थे। शनिवार को सुबह सर्दी के
चलते गर्म शाल ओढ़े थे, अचानक बिजली जाने पर वह जनरेटर चलाने कमरे में
पहुंचा। जब वह जनरेटर चला रहे थे, इसी बीच शाल जनरेटर की पुल्ली
में फंस गई और वह उसकी चपेट मेें आ गए, जिससे उसका सिर धड़ से अलग हो गया।
आवाज सुनते ही अस्पताल कर्मी मौके पर पहुंचे। वहां हादसा देख चीख पुकार मच
गई। सूचना पर नर्सिंग होम संचालक डा. संजय सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे।
उन्होंने घटना की सूचना परिजनों को दी। कुछ ही देर में परिजन मौके पर
पहुंचेे। शव देखते ही चीख पुकार मच गई।
सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने
शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेजा। इधर, डा. संजय सिंह ने मोबाइल पर
बताया कि अस्पताल में कंपनी का जनरेटर लगा है। धीरेंद्र विगत छह माह से
अस्पताल में जनरेटर भी चलाते थे। दुर्भाग्यवश घटना घटी है जिसका हम सभी को
काफी दुख है।
फिलहाल वह परिवार के जो मदद कर सकते हैं, वह करेंगे। इधर,
परिवार में माँ, पत्नी और बहन का रो रोकर बुरा हाल था। उधर, सर्दी के
मौसम के चलते धीरेंद्र गर्म चादर ओढ़े रहते थे, जिससे वह सर्दी से बचते थे,
पर उन्हें नहीं मालूम था कि यही शाल उनकी मौत का कारण बन जाएगी।
शनिवार को
हादसे के बाद गले में पड़ शाल पुल्ली में फंसने के बाद उसका सिर धड़ से
अलग हो गया और शाल पुल्ली में लिपटती ही चली गई।