हरदोई। दीवार बनाने के विवाद में युवक और उसकी बहन को गंभीर चोट पहुंचाने के 10 साल पुराने मामले में कोर्ट संख्या तीन की अपर जिला जज कुसुम लता ने एक शख्स को दोषी करार दिया। उसको तीन साल की सजा सुनाई साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के हसनापुर गांव निवासी वीरेंद्र ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि तीन जनवरी 2016 की शाम वह अपने घर के सामने दीवार बना रहा था। इस दौरान गांव के शिशुपाल ने दीवार बनाने का विरोध किया। कुछ देर बाद शिशुपाल अपने साथी राम सिंह, बृजेंद्र और नरेश के साथ लाठी-डंडा लेकर आ गए और हमला कर दिया। बीच बचाव करने आई बहन गीता को भी मार-पीटकर घायल कर दिया था। शोर पर कई लोग मौके कर आ गए थे। लोगों को आता देख जान से मारने की धमकी देते हुए आरोपी मौके से भाग गए थे। सभी के खिलाफ पुलिस ने गंभीर चोट पहुंचाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी।
विवेचना के बाद पुलिस ने शिशुपाल के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। इसके साथ ही अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अपर जिला जज ने दोषी को सजा सुनाई।