हरदोई। बालामऊ विधानसभा (सुरक्षित) सीट पर इस बार तीसरा चुनाव होगा। इस सीट पर भाजपा, सपा, बसपा ने एक ही जाति के प्रत्याशियों पर दांव लगाया है।
इन तीनों राजनीतिक दलों ने पासी बिरादरी के प्रत्याशी को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने कनौजिया बिरादरी का प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा है। बालामऊ सीट पर कुल तीन लाख 43 हजार 875 मतदाता हैं
जिसमें पुरुष मतदाता एक लाख 87 हजार 230 और महिला मतदाता एक लाख 56 हजार 640 हैं। पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रामपाल वर्मा 74 हजार 917 वोट पाकर विधायक बने, बसपा प्रत्याशी नीलू सत्यार्थी दूसरे नंबर पर रहीं थी।
इस बार बीजेपी ने फिर से वर्तमान विधायक रामपाल वर्मा को और सपा ने पासी बिरादरी के रामबली वर्मा को प्रत्याशी बनाया है। रामबली आयकर विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। इन्होंने वर्ष 2016 के बाद से अपने सियासी सफर की शुरुआत की और पहली बार विधानसभा चुनाव मैदान में हैं।
वहीं, बसपा ने इसी बिरादरी के तिलक चंद्र पासी को प्रत्याशी बनाया है, जो पहले प्रधान रहे हैं। पहली बार विधानसभा चुनाव के लिए मैदान में हैं। ऐसे में इस सीट पर मुस्लिम, ब्राह्मण, ठाकुर बिरादरी का वोटर भी निर्णायक भूमिका में होगा।
इस वर्ग की मतदाताओं की संख्या भी अच्छी खासी है। कांग्रेस ने भी दलित प्रत्याशी सुरेंद्र कुमार कनौजिया को मैदान में उतारा है। पासी बिरादरी के तीन प्रमुख दलों का प्रत्याशी उतारने से चुनाव दिलचस्प हो गया है।
हार-जीत का फैसला तो 10 मार्च को मतगणना के बाद तय होगा, लेकिन क्षेत्र के अन्य बिरादरी के वोट काटने के लिए राजनीतिक पंडितों व जानकारों ने गुणा-भाग लगाना शुरू कर दिया है।