हरदोई। प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था नेकी की दीवार के संयोजक सचिन मिश्रा की मां राजेश्वरी देवी को स्ट्रेचर न मिलने और वार्ड के बाहर चिकित्सक के न आने का मामला तूल पकड़ गया है।
अमर उजाला में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेकर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। जल्द से जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट देने को कहा है।
आजादनगर निवासी सचिन मिश्रा सामाजिक संस्था नेकी की दीवार के संयोजक हैं। उक्त संस्था की समाज में बहुत प्रतिष्ठा है। सचिन मिश्रा की मां राजेश्वरी देवी (80) की तबीयत सोमवार रात लगभग साढ़े 12 बजे अचानक खराब हो गई थी। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज ले गए। सचिन के मुताबिक यहां तैनात वार्ड छात्रा ने उनकी मां को अटेंड नहीं किया। चिकित्सक से वार्ड के गेट पर ही राजेश्वरी को देखने का अनुरोध किया, लेकिन चिकित्सक ने अंदर ही लाने को कहा। इस बीच राजेश्वरी की मौत हो गई थी।
सचिन मिश्रा के हवाले से
अमर उजाला ने इस मामले काे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसकी गूंज शासन तक हुई। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य जेविन बिष्णु गोगोई ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है। इस टीम में सीएमएस (पुरुष), सीएमएस (महिला) और मेडिकल कॉलेज के सहायक आचार्य व इमरजेंसी वार्ड के प्रभारी डॉ. अमित आनंद को शामिल किया गया है। जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
... हद हो गई बचाव में, मरीज के परिजनों पर ही लगाने लगे आरोप
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक खबर का संज्ञान लेकर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने सोमवार रात ड्यूटी पर रहे कर्मचारियों और चिकित्सकों का ब्योरा निकलवाया था। इस दौरान चिकित्सक के चेहरे पर तो अफसोस झलक रहा था, लेकिन वार्ड बाय बेहद मनबढ़ निकला। उसने मरीज के साथ आए परिजनों पर ही अभद्रता करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इस पर प्रधानाचार्य ने सख्ती दिखाई तो वार्ड बाय चुपचाप मौके से निकल लिया। हालांकि, इसके साथ ही लापरवाही करने वाले चिकित्सक और मनबढ़ वार्ड बाय को कार्रवाई से बचाकर डांट फटकार से मामला खत्म करने की कवायद भी सुबह से ही शुरू हो गई।