हरदोई । लगभग 10 वर्ष पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिषेक सिन्हा ने सुनवाई पूरी कर सजा सुना दी है। आरोपियों में शामिल रहे दो सगे भाइयों और उनकी मां को सात साल की कैद का ऐलान हुआ है। जुर्माना भी लगाया गया है।
मुकदमे में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 30 अक्तूबर 2011 को रामविलास पुत्र मैकू निवासी ग्राम गोपार थाना बघौली अपने बाग से घर जा रहा था।
रात नौ बजे जब वह गांव के मुकेश के दरवाजे के सामने पहुंचा तो मुकेश शराब पीकर गाली देने लगा। रामविलास ने इस पर आपत्ति जताई तो मुकेश ने अपने भाई सुधीर पुत्र पुत्तीलाल और मां तुलसा पत्नी पुत्तीलाल के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी। इस दौरान वहां पहुंची रामविलास की पत्नी सावित्री को भी लाठी-डंडे से मारना शुरू कर दिया। घटना में रामविलास गंभीर रूप से घायल हो गया था और मामले में एनसीआर में दर्ज की गई थी।
21 दिसंबर 2011 को रामविलास की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस पर उसके भाई शिवपाल ने थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मामला गैर इरादतन हत्या के आरोप में तरमीम कर दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया और सुनवाई शुरू हुई। अब न्यायालय ने सुनवाई पूरी कर तीनों अभियुक्तों को सात साल की सजा सुनाई है। अलग-अलग धाराओं में कुल 6500 रुपये का जुर्माना भी तीनों पर किया गया है।