फोटो 27: कविता पाठ करते उदय राज सिंह उदय व मौजूद कविगण। संवाद
हरदोई। महात्मा गांधी जनकल्याण समिति की तरफ से गांधी और शास्त्री जी की जयंती पर समारोह में बुधवार रात कवि सम्मेलन हुआ। कवि सम्मेलन का शुभारंभ उदय राज सिंह उदय ने देशभक्ति की पंक्तियों से किया। उन्होंने सुनाया कि प्राण तज कर गए जो वतन के लिए, खुद निछावर हुए इस चमन के लिए ...।
गांधी भवन में कार्यक्रमों की शृंखला में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. बाबू हरि बहादुर श्रीवास्तव की स्मृति में वार्षिक कवि सम्मेलन में कवियों और शायरों ने रचनाओं की प्रस्तुतियों से समां बांधा। शुभारंभ जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी डॉ. राम प्रकाश ने किया। कवि सम्मेलन में समीर खान गुरु ने मोहब्बत पर अपनी रचना सुनाई, जलाई है जो लोग मोहब्बत की, उन लोगों को अब तुम बचाए रखना।
शोएब मिर्जा ने सुनाया, जो दाग दिल पर हैं धोना बहुत जरूरी है, तुम्हारी याद में रोना बहुत जरूरी है। मोहम्मद कमरुद्दीन कमर ने बाबू हरि बहादुर श्रीवास्तव को समर्पित पंक्तियां पढ़ीं। पुनीत शुक्ला ने महाराणा प्रताप के शौर्य का वर्णन किया।
अभिनव दीक्षित, आलम रब्बानी, राजेश बाबू अवस्थी, राजकुमार सिंह प्रखर और अनमोल शुक्ला अनमोल ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं की तालियां बटोरीं। संचालन संयोजक रामप्रकाश शुक्ला ने किया। कार्यक्रम में विजय मिश्र, जगिंदर गांधी, जसवीर कौर, नवल किशोर, मनीष मिश्रा, करुणा शंकर द्विवेदी, सुयश वाजपेई, शिल्पी दयाल, डॉ. एसएस द्विवेदी, बाबू अली आदि मौजूद रहे।