फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: पांच माह से रेडियोलॉजिस्ट नहीं, प्राइवेट लैब में जाने को मजबूर

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो-12- महिला चिकित्सालय में बंद पड़ा अल्ट्रासाउंड कक्ष। संवाद
विज्ञापन

- जनवरी से जिले में नहीं रेडियोलॉजिस्ट, बंद पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन
- मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड न होने से निजी लैबों पर जा रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। जिले के मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजिस्ट की कमी शासन भी पूरी नहीं कर पा रहा है। महिला चिकित्सालय में पदस्थ रेडियोलॉजिस्ट का जनवरी में गैर जनपद स्थानांतरण हो गया था। इसके बाद से रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के प्रयास के बावजूद किसी ने ज्वाइन नहीं किया। अल्ट्रासाउंड के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी अपनाई गई, लेकिन वह कामयाब न हो सकी। अल्ट्रासाउंड मशीन बंद पड़ी है और मरीजों को आर्थिक नुकसान उठाकर निजी लैबों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुविधाएं बढ़ाने का दावा किया जा रहा है, जबकि हकीकत यह है कि शासन भी जिले के मेडिकल कॉलेज में एक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं कर सका। मेडिकल कॉलेज के अधीन जिला अस्पताल और महिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं लेकिन रेडियोलॉजिस्ट एक भी नहीं है। महिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अरूण कुमार की तैनाती थी, लेकिन 17 जनवरी को उनका हमीरपुर जनपद स्थानांतरण हो गया। गौतमबुद्ध नगर से एक रेडियोलॅाजिस्ट की तैनाती की गई, लेकिन उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
विज्ञापन

नतीजा यह है कि चार माह बीत गए और मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लटकता रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं काे हो रही है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत वैकल्पिक व्यवस्थ कराने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भी कामयाब नहीं हो सका। रेडियोलॉजिस्ट ने कार्यभार लेने से ही मना कर दिया। ऐसे में अब अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीजों को निजी लैब जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन


वर्जन
शासन से रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती हुई थी, लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत भी अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था की गई, लेकिन प्राइवेट सेक्टर के रेडियोलॉजिस्ट ने समय का अभाव दिखाकर आने से मना कर दिया। शासन काे लगातार पत्र भेज कर तैनाती का प्रयास चल रहा है।
-डाॅ. जेविन विष्णु गोगोई
प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें