हरदोई। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के शासन के मंसूबे पर अफसरों की लापरवाही भारी पड़ रही है।
कोथावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे मशीन तो है, लेकिन इससे एक भी मरीज को राहत नहीं मिल पा रही है। वजह यह है कि एक्सरे मशीन चलाने के लिए जितना वोल्टेज चाहिए, उतना वोल्टेज मिल नहीं पा रहा। यहां आने वाले मरीजों को या तो हरदोई के जिला अस्पताल की दौड़ लगानी होती है या फिर प्राइवेट लैब में जाना पड़ता है।
कोथावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अगस्त 2022 में एचसीएल फाउंडेशन की ओर से एक्सरे मशीन लगवाई गई थी। तत्कालीन अधिकारियों के साथ-साथ इलाकाई जनप्रतिनिधियों ने भी इसके लिए फाउंडेशन के जिम्मेदारों से बात की थी। मंशा थी कि एक्सरे मशीन लग जाए तो मरीजों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। मशीन लगी तो स्थानीय बाशिंदों को भी लगा कि राहत मिल जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। दरअसल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगा है। एक्सरे मशीन चलाने के लिए 63 केवीए का ट्रांसफार्मर होना चाहिए। दो साल में न तो 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लग पाया और न ही यहां एक्सरे मशीन किसी को राहत दे पाई।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विपुल वर्मा ने बताया कि 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए इस्टीमेट बिजली विभाग ने भेजा था। इस इस्टीमेट के मुताबिक 3,87,922 रुपये 63 केवीए के ट्रांसफार्मर के लिए बिजली विभाग को दिए जाने थे। तत्कालीन सीएमओ को इसका पत्र इस्टीमेट के साथ भेजा गया था, लेकिन आगे क्या हुआ यह जानकारी नहीं है।
अब तक मेरे संज्ञान में मामला नहीं था। अब पता चला है तो बिजली विभाग और सीएचसी के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक बजट उपलब्ध करा दिया जाएगा। मशीन है तो चलनी भी चाहिए। पूरा प्रयास होगा कि जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर लग जाए। -डॉ. रोहताश कुमार, सीएमओ
केस-1 सेमरा झाला निवासी मुन्नू को पिछले कई दिनों से खांसी आ रही थी। वह सीएचसी कोथावां पहुंचे तो चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के क्रम में दवा दे दी, लेकिन टीबी की जांच के लिए एक्सरे कराने को भी कहा। वह एक्सरे कक्ष पहुंचे तो वहां ताला पड़ा था।
केस-2 भैनगांव निवासी कन्हई को भी सीने में जकड़न की समस्या हो रही थी। वह भी उपचार कराने सीएचसी कोथावां पहुंचे। यहां चिकित्सक ने उनका परीक्षण किया और एक्सरे की सलाह दी। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से पूछा तो जवाब मिला सीएचसी में एक्सरे नहीं होता।