हरदोई। लखनऊ पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर फास्ट टैग बनाने वालों के बीच शुक्रवार दिन में हुआ विवाद रात में तूल पकड़ गया। फास्ट टैग बनाने वाले एक युवक को दूसरा शख्स अपने साथियों की मदद से कार में डालकर ले गया।
अपहरण की सूचना पर सनसनी फैल गई। रात में ही पुलिस ने घेराबंदी कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। घटना में इस्तेमाल की गई कार को भी पुलिस ने बरामद कर लिया।
बघौली थाना क्षेत्र के पकरिया निवासी प्रदीप कुमार लखनऊ-लिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर बल्लीपुर टोलप्लाजा के पास फास्ट टैग बनाने के लिए कैनोपी लगाकर बैठता है। प्रदीप के मुताबिक शुक्रवार शाम कन्नौज के बदलेपुरवा निवासी गिरीश और रामजी अपने दो साथियों के साथ मौके पर आए। इन लोगों ने गाली गलौज कर प्रदीप को अपनी कार में डाल लिया और कन्नौज की तरफ ले जाने लगे।
जानकारी पर पूर्वी जोन के सभी थानों को एलर्ट किया गया। इसके बाद सुरसा थाने की पुलिस ने घेराबंदी कर गिरीश, उसके गांव के ही मनसुख और हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के सुभौआपुर निवासी राजीव को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से प्रदीप को भी सकुशल खोज लिया। घटना में इस्तेमाल कार भी बरामद की गई है। घटना के पीछे की वजह कुछ अलग ही है। गिरीश भी प्रदीप के पास ही अपनी कैनोपी लगााकर फास्ट टैग बनाने का काम करता है।
प्रदीप के मुताबिक गिरीश और रामजी बिना आरसी के भी फास्ट टैग बना देते हैं। आरसी न होने पर इंजन और चेचिस नंबर से फास्ट टैग बनना चाहिए, लेकिन यह लोग टीसी से फास्ट टैग बना रहे थे। इसका विरोध प्रदीप ने किया था और शुक्रवार दिन में गिरीश व रामजी से बदसलूकी की थी। इसी का बदला लेने के लिए देर शाम गिरीश ने अपने साथियों के साथ प्रदीप को कार में डाल लिया और फिर उसके साथ मारपीट की। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी ने बताया कि अभी पूरे मामले में रामजी की तलाश की जा रही है।