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लाठी और लॉकअप से नहीं दबाई जा सकती युवाओं की आवाज : हसन अहमद

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फोटो-07- ज्ञापन देने जाते कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता। संवाद
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हरदोई। बीती 11 जनवरी को वाराणसी में एसआईआर और मनरेगा का नाम बदले जाने पर प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज के विरोध में एक ज्ञापन दिया गया। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने नगर मजिस्ट्रेट एसके त्रिवेदी को सौंपा। इस दौरान एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष हसन अहमद ने कहा कि युवाओं की आवाज को लाठी और लॉकअप से दबाया नहीं जा सकता।
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प्रदर्शन के बाद दिए गए ज्ञापन में कहा कि वाराणसी में कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बावजूद पुलिस ने निंदनीय, अलोकतांत्रिक व्यवहार किया। कार्यकर्ताओं को जबरन हिरासत में लेकर लॉकअप में बंद कर लोकतंत्र पर हमला किया। ज्ञापन में कहा कि दोषी पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम पांडेय ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन का दमन लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। कहा कि कांग्रेस छात्र और युवाओं के साथ मजबूती के साथ खड़ी है। शहर अध्यक्ष अनुपम दीक्षित ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है। ज्ञापन दिए जाने के दौरान कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अजय सिंह और डॉ. राजीव सिंह लोध, युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह, अजीत विशाल, उमा राजवंशी, सर्वेश कुशवाहा आदि माैजूद रहे।
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