हरदोई। मेडिकल कॉलेज में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पाने के लिए आने वाले मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन चिकित्सकों के पास लग रही है। पर्चा बनवाने से लेकर चिकित्सक काे दिखाने तक में मरीजों को कई घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर रोज दूर दराज से बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। ओपीडी आठ बजे शुरू होती है और दोपहर दो बजे तक रोजाना 2000 से 2200 मरीज पंजीकृत होते हैं। इनमें से कई ऐसे चिकित्सक हैं जिनके पास प्रतिदिन 300 से 400 मरीज परामर्श के लिए पहुंचते हैं।
इनमें सर्जरी विभाग, ईएनटी विभाग, मेडिसिन विभाग, बाल रोग विभाग, नेत्र रोग विभाग और आर्थो विभाग में सुबह आठ से लेकर दोपहर दो बजे तक लंबी लाइन लगी रहती है। विभागाध्यक्ष समेत जूनियर चिकित्सक मरीज को परामर्श देते हैं लेकिन मरीजों की भीड़ के आगे वह भी पस्त हो जाते हैं। वहीं, मरीज भी अपनी बारी के इंतजार में घंटों लाइन में लगने से और अधिक बीमार हो जाते हैं। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज की ओर से बेहतर इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
शाम में भी ओपीडी हो तो मिले राहत
स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में ओपीडी का समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक होता है और इसके बाद ओपीडी बंद हो जाती है। इन्हीं छह घंटों में दूर-दराज और शहर से मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। इस कारण भीड़ बढ़ रही है अगर प्रबंधन रोस्टर के अनुसार चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर शाम को चार घंटे की ओपीडी शुरू कर दे तो मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
शहर निवासी अनिल श्रीवास्तव, सुनील गुप्ता, श्याम किशोर द्विवेदी, शिवाकांत पांडेय समेत तमाम लोगों का कहना है कि अगर शाम को ओपीडी शुरू हो जाए तो इमरजेंसी पर भी भार कम हो और दिन में भी भीड़ कम होने के साथ मरीजों को राहत मिलेगी।
मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों का अभाव है, ऐसे में ओपीडी के समय के अतिरिक्त समय में ओपीडी का संचालन करा पाना संभव नहीं है लेकिन कुछ विभागाें को ओपीडी इमारत से बाहर शुरू कर अन्य विभागों के कक्ष बढ़ाए जा सकते हैं। इसको लेकर प्रक्रिया देखकर व्यवस्था जरूर कराएंगे। -प्रो. डॉ. जेबी गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज