हरदोई। शाहाबाद के मलिकापुर में परिवार को बंधक बनाकर लूटने वाले बदमाश बरेली में पुलिस से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हो गए हैं। बरेली जनपद के भोजीपुरा में पुलिस की गोली पैर में लगने से दो शातिर घायल हुए हैं। इसके समेत कुल पांच लोग पकड़े गए हैं। पुलिस का दावा है कि शाहाबाद में हुई घटना को अंजाम देना इन बदमाशों ने स्वीकार किया है।
मलिकापुर निवासी अनीस बीती नौ फरवरी की रात घर में सोए थे। बरामदे में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा भी सोया था। रात में लगभग ढाई बजे पड़ोस में निर्माणाधीन मकान के रास्ते दीवान फांदकर पांच बदमाश घर में घुस आए थे। तमंचे और धारदार हथियारों के दम पर पूरे परिवार को बंधक बना लिया था। अनीस से मकान की सभी चाबियां छीनकर लगभग 12 लाख रुपये के जेवर और 30 हजार रुपये लूट ले गए थे। डकैती की धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की थीं। इनकी धरपकड़ के लिए प्रयास हो रहे थे। इसी दौरान इन्हीं बदमाशों ने 12 फरवरी को बरेली के धौराटांडा में भी लूट की एक घटना को अंजाम दिया था। बरेली जनपद के भोजीपुरवा थाने की पुलिस टीम रविवार रात गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर महेशपुर शिवसिंह से मसीत जाने वाले मार्ग पर पिकअप को रुकने का इशारा किया गया। इस पर पिकअप सवार लोगों ने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। दो पुलिस कर्मियों की बांह को छूते हुए गोली निकल गई। जवाबी फायरिंग में बरेली जनपद के बारादरी थाना क्षेत्र के एजाज नगर गौटिया निवासी आसिफ बाएं पैर में और हाफिजगंज थाना क्षेत्र के लभेड़ा निवासी अकरम अली दाएं पैर में गोली लगने से घायल हो गए। मौके से इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से 60 हजार रुपये, चार मोबाइल फोन, दो तमंचे, दो खोखा, दो कारतूस और एक पिकअप बरामद हुई है। इनके साथ बारादरी थाना क्षेत्र के तुलसीनगर निवासी साहिल और उसका भाई नन्हे व पीलीभीत जनपद के दिओरी कला थाना क्षेत्र के महमदपुर निवासी नन्हें उर्फ रतीराम को भी गिरफ्तार किया गया है। इनके चार साथियों की तलाश भी पुलिस कर रही है। पुलिस अधीक्षक हरदोई अशोक कुमार मीणा ने बताया कि बरेली पुलिस को पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया है कि शाहाबाद में भी उन लोगों ने ही घटना को अंजाम दिया था।
तीन किलोमीटर पहले छोड़ दिए थे मोबाइल फोन
पुलिस महकमे से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि गिरफ्तार किए गए आरोपी बेहद शातिर हैं। शाहाबाद में घटना को अंजाम देने से पहले शाहजहांपुर की तरफ घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर इन सभी ने अपने मोबाइल रख दिए थे। इसका पता तब चला जब घटना के समय सक्रिय मोबाइल नंबरों का ब्योरा हरदोई पुलिस ने सर्विलांस के जरिए निकाला था। 12 फरवरी को बरेली के धौराटांडा में हुई लूट की घटना में भी यही मोबाइल नंबर आसपास सक्रिय मिले थे। इससे यह तय हो गया था कि दोनों ही घटनाएं एक ही गिरोह ने अंजाम दी हैं। हालांकि मामले में सफलता बरेली पुलिस को मिली और आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिए गए।