होली का पर्व सुख और समृद्धि का होता है। होली पर
होलिका दहन करने की प्रथा है। वैसे तो अधिकतर लोग होलिका का दहन होने के
बाद पूजन करते हैं, वहीं कुछ लोग जीवित होली का पूजन करते हैं, जिसमें घर
की महिलाएं जीवित होली का विधिवत पूजन करती हैं।
गुरुवार को भी होली के दिन
कुछ परिवारों की महिलाओं ने होली का पूजन किया। साथ ही अपने परिवार की
सुख-समृद्धि की कामना की। होली के एक दिन पूर्व होलिका दहन व पूजन करने
की प्रथा है। होली का दहन होने के बाद लोगों द्वारा होली का पूजन कर रंग
खेलकर पर्व को मनाया जाता है।
वैसे तो होलिका दहन के बाद पूजन किया जाता
है, पर कुछ जातियों में जीवित होली की पूजा की जाती है। ज्ञात हो कि होलिका
दहन होने के बाद घर के पुरुष व बच्चे जाकर होली की परिक्रमा कर विधिवत
पूजन करते हैं, पर जीवित होली की पूजा घर की महिलाएं ही करती हैं।
घर की
महिलाएं सार्वजनिक स्थानों पर लगाई गई होली का विधिवत पूजन करती हैं,
जिसमें वह गाय के गोबरों से बचे बल्लों व हवन सामग्री डालकर पूजा करती हैं।
इसके बाद होली की परिक्रमा करती हैं। जिसके बाद होली की पूरी परिक्रमा हो
जाने के बाद वहीं पर बड़ों से आशीर्वाद लिया जाता है।
मान्यता है कि
जीवित होली का पूजन करने से जहां एक ओर घर और परिवार के सदस्य स्वस्थ रहते
हैं, वहीं सुख और समृद्धि भी आती है। उधर, होली का त्योहार को लेकर बाजारों
में रौनक बढ़ी हुई है। त्योहार के लिए नए कपड़े लेने से लेकर मेहमानों की
खातिरदारी करने को लोग बडे़ उत्साह से खरीदारी करते दिखे।
बाजारों में होली
के लिए सुबह से देर रात तक समस्त दुकानों पर खरीदारी होती रही, जिससे
बाजार में काफी चहल पहल रही। रंगों का त्योहार होली आकर्षक दिखने और
मेहमानी नवाजी का त्योहार भी है। रंग पर्व मनाने को लोग काफी तैयारियाें
में जुटे हैं।
होली पर दिन में रंग खेलने से लेकर शाम को नए कपड़े पहनकर
लोगों से मिलने जुलने का जो सिलसिला शुरू होता है तो पूरे एक सप्ताह तक
चलता रहता है। इसी की तैयारियाें में होली के हुड़दंग से एक दिन पहले
तक बाजार में देर रात तक भीड़ लगी रही।
बाजार में कपड़ों की दुकानों पर तो
भीड़ हो ही रही, वहीं मेहमानों की खातिरदारी को भी खाद्य सामग्री की
दुकानों पर भीड़ लगी हुई है। दुकानों पर रेडीमेड व नमकीन खाद्य सामग्री भी
कई वैरायटियों में हैं। जिनकी खरीदारी की जा रही है। उधर, होली को लेकर सभी
में उत्साह रहता है।
पर होली का त्योहार में जब बात रंग खेलने की आती है
तो बच्चों में उत्साह देखते ही बनता है। रंगोत्सव भले ही शुक्रवार को होने
वाला है, पर बच्चों में रंग पर्व का सुरूर एक दिन पहले से ही चढ़ गया है,
जिससे बच्चे सुबह से ही रंगों में सराबोर होने लगे हैं।
एक तो होली का
त्योहार दूसरी ओर रंगों की मस्ती, बच्चों से बिलकुल भी काबू नहीं हो रहा
है। भले ही रंगोत्सव शुक्रवार को होने वाला हो, पर बच्चों पर होली का
सुरूर एक दिन पहले से ही दिखने लगा है। इसी के चलते बच्चों ने रविवार सुबह
से ही हाथों में अबीर और गुलाल लेकर एक दूसरे को रंगना शुरू कर दिया है।
जिससे बच्चे सुबह से ही रंगों में सराबोर होते दिखाई दिए। बच्चों ने एक
दूसरे पर रंगों की बारिश की। एक दिन पहले से होली का सुरूर तो दिखने ही
लगा। वहीं रंगोत्सव के दिन भी बच्चों ने होली खेलने की पूरी तैयारी करनी
शुरू कर दी है।
जिसके लिए बच्चों ने पिचकारी से लेकर होली के दिन रंगने के
लिए कई सारी व्यवस्थाएं कर ली हैं और अब रंगोत्सव पर लोगों को रंगने के लिए
तैयार हैं। उधर, संडीला क्षेत्र में होली कोे लेकर क्षेत्र में कही भी
विवाद न हो इसके लिए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से चौकन्ना है।
एसडीएम ने जहां
राजस्व कर्मियों को गांवों में तैनात किया है, वही पुलिस ने भी मुकम्मल
व्यवस्था कर रखी है। पीएसी को भी जगह-जगह तैनात कर दिया गया है। क्षेत्र
कुल 70 स्थानों पर होलिका दहन होना निश्चित हुआ है। पिछले दो दिनों से
बाजारों में जबरदस्त भीड़ है।
गुरुवार को सभी बैंकाें में छुट्टी होने के
बाद बैंकों के एटीएम खाली हो चुके हैं। कुछ बैंकों की एटीएम मशीनें भी जवाब
दे चुकी हैं। केवल प्राइवेट बैंकों में लंबी लंबी कतारें देखी गईं, जहां
अब भी पैसे निकालने वालों की लाइन लगी हुई है।