हरदोई। महिला चिकित्सालय में मंगलवार देर रात पत्नी को मृत बच्चा होने से दुखी पति और उसकी बहन बुधवार दोपहर लिफ्ट में फंस गए। टोल फ्री नंबर न लगने पर युवक ने पत्नी को फोन लगाया। इसके बाद दोनों बाहर आ सके। युवक ने मृत बच्चा होने पर चिकित्सक और स्टाफ पर पत्नी के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। दोनों 35 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे।
शहर के रेलवेगंज निवासी रोहित राठौर आरओ प्लांट चलाते हैं। उनकी पत्नी राधा राठौर (25) गर्भवती थीं। मंगलवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर राधा को परिजनों ने महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। जांच में पता चला कि गर्भ में पल रहे बच्चे के गले में फंदा लग गया है। देर रात 12:15 बजे राधा ने सामान्य प्रसव से मृत बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद राधा को पहली मंजिल स्थित पीएनसी वार्ड में बेड संख्या 15 पर शिफ्ट कर दिया गया।
रोहित ने बताया कि बुधवार दोपहर 1:35 बजे वह अपनी छोटी बहन पल्लवी के साथ राधा और अपनी सास गुड्डी के लिए खाना लेकर गए थे। लिफ्ट नंबर दो पर सवार हुए थे। पहली मंजिल का बटन दबाते ही लिफ्ट चल दी। कुछ सेकेंड के बाद लिफ्ट रुक गई। उन्होंने कुछ देर इंतजार किया लेकिन लिफ्ट नहीं चली।
दावा है कि दोनों के मोबाइल के नेटवर्क भी चले गए। कुछ देर बाद नेटवर्क आने पर पल्लवी ने लिफ्ट पर लिखे टोलफ्री नंबर पर काल की लेकिन नंबर नहीं मिला। रोहित ने राधा को फोन कर जानकारी दी। इसके बाद राधा वार्ड में तैनात नर्सिंग स्टाफ के पास गईं और घटना के बारे में बताया। स्टाफ की सूचना पर रोहित और पल्लवी को किसी तरह लिफ्ट चलवाकर निकाला गया। इसके बाद लिफ्ट का संचालन भी रोक दिया गया।
इलाज में भी लापरवाही का आरोप
रोहित ने बताया कि चिकित्सकों ने गर्भ में पल रहे बच्चे के गले में फंदा लग जाने की जानकारी मंगलवार दोपहर ही जांच के बाद दे दी थी। दावा है कि उन्होंने यह भी कहा था कि अगर यहां उचित व्यवस्था न हो तो रेफर कर दें। चिकित्सक ने सारी व्यवस्थाएं होने के प्रति आश्वस्त किया। आरोप लगाया कि देर रात रेफर करने की बात चिकित्सक ने कही तब उन्होंने इन्कार कर दिया।