रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश ने
शुक्रवार को बस स्टेशन पर कई मांगों को लेकर धरना दिया। इस दौरान रोडवेज के
संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग करते हुए संगठन पदाधिकारियों ने
सरकार पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया और नियमित होने तक संविदा कर्मियों
को बढ़ा वेतन देने की मांग की।
उन्होंने मांग पूरी न होने पर बसों का
चक्का जाम करने की चेतावनी दी। संविदा पर तैनात चालक और परिचालकों को
नियमित की मांग को लेकर चल रहे संघर्ष के क्रम में एक बार फिर रोडवेज बस
स्टेशन परिसर में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों और
कर्मियों ने धरना देकर आगामी रणनीति पर चरचा की।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त
परिषद उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष हरिओम पांडेय ने कहा कि बीस
वर्षों से कर्मचारी ईमानदारी और निष्ठा से रात व दिन काम कर रहे हैं। जिसके
एवज में उन्हें आठ से दस हजार रुपये का ही वेतन मिल रहा है, जिससे आज की
महंगाई में उनके परिवार का भरण पोषण नहीं हो रहा।
उन्होंने कहा कि रोडवेज
कर्मचारी संयुक्त परिषद ने ही संविदा कर्मचारियों के दर्द को समझा है और
उन्हें निगम कर्मचारी घोषित कराया। कहा कि परिषद का अगला लक्ष्य अब
उन्हें नियमित कराना है और जब तक नियमित नहीं होते हैं, उन्हें 15,400
रुपये वेतनमान दिलाना है।
कहा कि मांगों के बाबत कई बार आश्वासन मिले, पर
हर बार वादा खिलाफी हुई है। जिसके लिए अब चक्का जाम भी किया जाएगा। शाखा
अध्यक्ष जितेंद्र बहादुर व मंत्री विनोद त्रिपाठी ने कहा कि शासन व प्रशासन
ही वादा खिलाफी पर आ जाए, तो संघर्ष के अलावा अन्य कोई रास्ता नहीं है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि कर्मियों की
जायज मांगों को यदि पूरा नहीं किया जाता है, तो राज्य कर्मचारी संयुक्त
परिषद भी आंदोलन में बराबर से प्रतिभाग करेगा। इस मौके पर धरने में मनोज
शुक्ला, अरविंद शुक्ला, कश्मीर सिंह, प्रमोद पाल, अखिल बाजपेयी, विमलेश कुमार आदि मौजूद थे।