हरदोई। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर शुक्रवार को जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग के कक्ष में ताला पड़ा रहा। डॉक्टरों के आने के इंतजार में रोगी इधर-उधर भटक कर परेशान होते रहे। करीब तीन घंटे इंतजार के बाद भी डॉक्टर नहीं पहुंचे। इससे निराश रोगी बिना जांच कराए ही लौट गए। जबकि मानसिक रोग विभाग की तरफ आयोजित गोष्ठी में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर व मानसिक रोग विभाग का स्टाफ मानसिक रोगियों के प्रति संवेदनशील होने का पाठ पढ़ा रहे थे।
जिला अस्पताल में मानसिक रोग विभाग है। यहां पर सप्ताह में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को ओपीडी होती है। यहां पर आने वाले मानसिक रोगियों की डॉक्टर जांच करते और काउंसलर मूल्यांकन कर इलाज करते हैं। शुक्रवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस था। इसके चलते विभाग की तरफ से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। सुबह आठ बजे ही सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी और जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस एसपी गौतम ने जिला अस्पताल से जागरूकता रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया था।
इसके बाद जिला महिला अस्पताल में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का आयोजन मानसिक रोग विभाग की तरफ से किया गया था। इसके चलते मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर, काउंसलर व कर्मचारी गेट में ताला डालकर चलते बने। करीब नौ बजे मानसिक रोग विभाग के बाहर तीमारदार अपने रोगियों का पर्चा बनवाकर पहुंचे और दरवाजा खुलने का इंतजार करने लगे। लगभग 11 बजे तक यहां कोई नहीं पहुंचा ।
इसके चलते टड़ियांवा ब्लॉक के फुकहा निवासी रोहित, पिहानी ब्लॉक के मझिया गांव से आए ओम प्रकाश और बेहटा गोकुल से बेटे मोनू की जांच कराने आए उमेश लौट गए। जबकि तत्योरा निवासी राम रतन अपने 10 वर्षीय बेटे गगन क ी जांच कराने के लिए 12 बजे तक डॉक्टरों के आने का इंतजार करने के बाद गए। राम रतन ने बताया के बेटा मानसिक रूप से बीमार है। सुबह से ही उसे झटके आ रहे थे। वह भी बगैर जांच कराए ही लौट गए। इस दौरान विभाग के डॉ. विजय सिंह, डॉ. रमाकांत, डॉ. राम नारायण, अंशिका सिंह, संजय वर्मा व वरुण कुमार आदि मानसिक रोग विभाग से नदारद रहे।
सुबह मानसिक रोग विभाग खुला था। डॉक्टर व अन्य कर्मचारी मौजूद थे। मानसिक रोग विभाग की तरफ से ही विश्व स्वास्थ्य दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया था। गोष्ठी में कुछ समय के लिए डॉक्टर व काउंसलर आए थे। ओपीडी के समय में मानसिक रोग विभाग के बंद रहने का मामला संज्ञान में नहीं है। पड़ताल कराएंगे, यदि ओपीडी के समय में गेट बंद रहा है, तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-एसपी गौतम, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल
मानसिक रोग विभाग का कक्ष शुक्रवार को 8 बजे ही खुल गया था। कुछ समय के लिए गोष्ठी में गया था। इस दौरान स्टाफ के सदस्य कक्ष में ही मौजूद थे। कक्ष बंद होने क ा मामला संज्ञान में नहीं है।
- विकास गुप्ता, निरीक्षक एवं मूल्यांकन अधिकारी, मानसिक रोग विभाग