हरदोई। भीषण गर्मी और लू की वजह से बीमारियों ने पैर पसार दिए हैं। रोजाना सैकड़ों की संख्या में मरीज मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। वहीं, इमरजेंसी में 10 से 12 मरीज डायरिया जैसे लक्षणों से पीड़ित होकर भी आ रहे हैं। स्थिति यह है कि 60 बेडों की इमरजेंसी में अधिकांश बेड उल्टी, दस्त और पेट दर्द से पीड़ित मरीजों से भरे पड़े हैं। वहीं, बच्चों के पीकू वार्ड में भी पीड़ितों को भर्ती किया जा रहा है।
जनपद का पारा बीते एक पखवाड़े से 40 डिग्री के ऊपर बना हुआ है। दिन में तेज धूप के साथ ही आठ से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लू भी चल रही है। इसका असर देर रात तक बना रहता है। भीषण गर्मी और खानपान में लापरवाही के कारण लोगों की तबीयत खराब हो रही है। बच्चों से लेकर बड़े और बुजुर्ग और महिलाएं सभी पेट दर्द, उल्टी और दस्त के शिकार हो रहे हैं। इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अमित आनंद ने बताया कि रोजाना 10 से 12 मरीज फूड पॉइजनिंग के आ रहे हैं। इनमें उल्टी, पेटदर्द और डायरिया जैसे लक्षण मिल रहे हैं, जो मरीज सामान्य होते हैं उनका इलाज कर घर भेज दिया जाता है लेकिन जो गंभीर होते हैं उन्हें भर्ती कर दिया जाता है।
ओपीडी में भी इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। मेडिसिन विभाग में इन दिनों 400 से 450 मरीज आ रहे हैं। इनमें 80 प्रतिशत मरीज डायरिया जैसे लक्षणों के आ रहे हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. विकास चंद्रा ने बताया कि गर्मी के दिनों में खानपान में असंतुलन की वजह से बीमारियां बढ़ रही हैं।
केस-1- बहोरवा की शिवानी राठौर को फूड पॉइजनिंग के चलते मंगलवार देर रात इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। परिजनों ने बताया कि खानपान में तो ऐसी कोई गड़बड़ी नहीं थी लेकिन धूप और उमस के बाद रात को पेट में दर्द शुरू हो गया और उल्टियां होने लगीं। अधिक तबीयत बिगड़ने पर इमरजेंसी लेकर आए।
केस-2- झबरापुरवा के बृजमोहन ने बताया कि बुधवार सुबह से ही उल्टी और दस्त होने लगे। काफी कमजोरी भी लग रही है। तबीयत अधिक खराब होने पर डॉक्टर को दिखाने के लिए आए हैं। डॉक्टर ने अभी दवा लिख दी है और ग्लूकोज पीने की सलाह दी है।
बीमारी के लक्षण
बार-बार दस्त आना।
मरोड़ के साथ पेट में दर्द होना।
उल्टी होना।
शरीर में पानी की कमी महसूस होना।
सिर में तेज दर्द और चक्कर आना।
ऐसे करें बचाव
बाहर का तला भुना न खाएं।
तेज धूप और लू के बीच घर से न निकलें।
ओआरएस का घोल पीएं।
उल्टी या दस्त की शिकायत पर डॉक्टर को दिखाएं
फोटो- 28- पीकू वार्ड में भर्ती बच्चे। संवाद