फोटो-24- इमरान उर्फ शाहरुख। स्रोत: पुलिस विभाग
हरदोई/भरावन। एसटीएफ और अतरौली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 50 हजार रुपये का इनामी मंगलवार देर रात गिरफ्तार किया गया। बच्चा चोरी गिरोह के सरगना की तलाश पुलिस पिछले लगभग एक साल से कर रही थी। गिरफ्तार किया गया इनामी चोरी के बच्चों को लाने ले जाने के लिए अपनी टैक्सी देता था। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया।
अतरौली थाना क्षेत्र के गौरीकला गांव से 20 फरवरी 2025 को एक बच्चे का अपहरण हुआ था। मामले की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र के नेतृत्व वाली टीम ने बच्चा चोर गिरोह का खुलासा करते हुए मासूम को सकुशल खोज लिया था। अंतरराज्यीय गिरोह के आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसी गिरोह का सरगना दिल्ली के मजनू का टीला सिविल लाइंस निवासी शाहरुख उर्फ इमरान पुलिस की पकड़ में नहीं आया था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
एसटीएफ के उपनिरीक्षक योगेंद्र सिंह, दीवान राम नरेश सिंह, दिनेश गौतम, अरविंद सिंह और प्रशांत कुमार मंगलवार को हरदोई में थे। देर रात मुखबिर से पता चला कि बच्चा चोर गिरोह का सरगना अतरौली मार्ग पर ढिकुन्नी के आसपास मौजूद है। इस पर एसटीएफ ने अतरौली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर शाहरुख को गिरफ्तार कर लिया। अतरौली के प्रभारी निरीक्षक सतीशचंद्र ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है। यहां से उसे जेल भेज दिया गया।
20 हजार रोज पर इस्तेमाल होता था शाहरुख का ऑटो
एसटीएफ का दावा है कि शाहरुख दिल्ली में ऑटो चलाता था। मूलरूप से वह अलीगढ़ जनपद के खैर थाना क्षेत्र के गोमत का रहने वाला है। पूछताछ में पता चला कि इमरान उर्फ शाहरुख ऑटो चलाने के साथ ही बच्चों के लिए घरेलू आवश्यकता वाली वस्तुएं पहुंचाने का काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात दिल्ली के मंगोलपुरी निवासी सोनिया शर्मा उर्फ सुनीता से हुई थी। इसके बाद शाहरुख का ऑटो सुनीता 20 हजार रुपये रोज के किराए पर लेने लगी थी। चोरी और अपहरण के बच्चों को लाने ले जाने का काम शाहरुख ही करता था। गिरोह में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी हो जाने की जानकारी पर शाहरुख गाजियाबाद, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सीमा के जनपदों में छिपकर रहता था। उसके खिलाफ सीतापुर के बिसवां और हरदोई के अतरौली में प्राथमिकी दर्ज है।