हरदाेई। अपहरण और युवक की पानी में डूबकर मौत की एक साल पुरानी घटना में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसका पता चलने पर मृतक का पिता एसपी के पास पहुंचा और उसने हत्या की आशंका जताते हुए केस डायरी खुद पढ़ने का अनुरोध किया। एसपी ने इसकी गोपनीय जांच कराई। इसमें पता चला है कि युवक की हत्या कर उसका शव गर्रा नदी में फेंक दिया गया था। पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले युवक और उसकी बुआ को गिरफ्तार किया है। वहीं केवल एक मामूली से बैक्टीरिया ने अर्जुन की मौत का रहस्य खोल दिया।
पचदेवरा थाना क्षेत्र के वीरमपुर निवासी अर्जुन कश्यप (30) दिल्ली में मजदूरी करता था। गांव की ही साधना से उसकी नजदीकियां थीं। साधना की शादी बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के फत्तेपुर निवासी विकास के साथ हुई थी। अर्जुन के पिता कुनेंद्र पाल के मुताबिक चार अप्रैल 2024 को साधना ने अर्जुन को अपने घर फत्तेपुर बुलाया था। इसके बाद अर्जुन का कोई पता नहीं चला। कुनेंद्र का दावा है कि उसने पुलिस को तहरीर दी लेकिन रिपोर्ट दर्ज हीं हुई। न्यायालय के आदेश पर 22 अप्रैल 2024 को अपहरण का मामला बेहटा गोकुल थाने में दर्ज हुआ। इसमें साधना उसके पति विकास, साधना के पिता कमलेश और भाई अमित को आरोपी बनाया गया। इसी बीच 23 अप्रैल 2024 को शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के बेहटा कोला के पास गर्रा नदी में पड़ा मिला।
पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट न होने पर विसरा जांच के लिए भेजा गया। पुलिस ने डूबकर मौत होने की बात मानते हुए अपहरण के मामले में भी फाइनल रिपोर्ट लगा दी। बीते दिनों मृतक का पिता कुनेंंद्र एसपी नीरज कुमार जादौन से मिला। बेटे की हत्या किए जाने की बात कहते हुए एक बार खुद ही पूरा केस देख लेने का अनुरोध एसपी से किया। इस पर एसपी ने केस डायरी पढ़ी।
इसमें मिली कुछ खामियों पर पड़ताल की गई और अलग-अलग लोगों से पूछताछ हुई। एसपी के मुताबिक इसी दौरान पता चला कि साधना के पारिवारिक भतीजे सोमू को अर्जुन से नजदीकी की बात नागवार गुजर रही थी। पांच अप्रैल को भी अर्जुन शराब के नशे में साधना के घर गया था। यहां सोमू पहले से मौजूद था। पुलिस का दावा है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अर्जुन की हत्या कर दी। शव छिपाने के लिए गर्रा नदी में फेंक दिया। एसपी ने बताया कि अभी सोमू के दो दोस्तों की तलाश की जा रही है।
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डायटम की जांच रिपोर्ट निगेटिव देख ठनका एसपी का माथा
केस डायरी पढ़ने के दौरान एसपी नीरज कुमार जादौन ने एक रिपोर्ट पढ़ी तो माथा ठनक गया। दरअसल तत्कालीन पुलिस कर्मियों ने विवेचना में नदी में डूबकर मौत हो जाने और शरीर पर कोई चोट न मिलने का हवाला पोस्टमार्टम रिपोर्ट की वजह से दिया था। उसी वक्त डायटम भी जांच के लिए भेजा गया था। डायटम पानी में पाया जाने वाला एक बैक्टीरिया की तरह होता है।
पानी में डूबकर जिस किसी की भी मौत होती है उसकी डायटम रिपोर्ट पॉजिटिव आती है। पानी मुंह के जरिए फेफड़ों में भर जाता है और इसी से डायटम भी अंदर पहुुंच जाता है। जब डायटम की रिपोर्ट निगेटिव मिली तो यह स्पष्ट हो गया कि पानी में डूबने से अर्जुन की मौत नहीं हुई है।
घटना के 18 दिन बाद शव मिला था और यह काफी खराब हो चुका था। उसके सीधे हाथ में अर्जुन नाम गुदा हुआ था और इसी से शव मिलने के तीसरे दिन पहचान हुई थी। कुल मिलाकर डायटम की रिपोर्ट ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को खारिज कर दिया।
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मृतक के दोस्त को मोबाइल पर दी थी अर्जुन की मौत की जानकारी, पति दिल्ली में था
एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि अर्जुन की हत्या किए जाने की जानकारी साधना को थी। साधना ने दिल्ली में रहने वाले अर्जुन के दोस्त धीरज को भी फोन किया था। घटना के बाद अर्जुन की मौत की जानकारी दी थी लेकिन तब तक शव नहीं मिला था। पुलिस ने इस मामले में धीरज से भी पूछताछ की। धीरज से मिली जानकारी के बाद पुलिस के हाथ पुख्ता सबूत भी लग गए। घटना के समय साधना का पति दिल्ली में था।