हरदोई। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान सवायजपुर विधायक की निधि से खरीदी गई बीस बाईपैप मशीन का सुराग नहीं लग पाया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने व्यस्तता का हवाला देकर मंगलवार तक इसकी जानकारी दे पाने की बात कही है।
हालांकि अंदरखाने सुगबुगाहट है कि 19 अगस्त को
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद से ही विभागीय कर्मचारी अभिलेख खंगाल रहे हैं। यह बात और है कि अभी तक कोई सफलता विभागीय अधिकारियों को नहीं मिल पाई है।
कोविड काल में जनप्रतिनिधियों ने जीवन रक्षक प्रणाली के लिए आवश्यक उपकरण खरीदने को अपनी-अपनी निधि से बजट दिया था। इसी दौरान सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने 20 बाईपैप मशीन खरीदने के लिए अपनी निधि से बजट दिया था। इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कार्यदायी संस्था बनाया गया था। विस्तृत आगणन बना था और इसके मुताबिक 20 बाईपैप मशीन खरीदने पर 9,98,000 रुपये खर्च होने थे।
ग्राम्य विकास अभिकरण के तत्कालीन परियोजना निदेशक ने नियम के मुताबिक बाईपैप मशीन खरीदने के लिए 60 फीसदी बजट के तौर पर 5,98,800 रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी थी। मरीजों को राहत देने के लिए विधायक निधि से खरीदी गई बाईपैप मशीनों के बारे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अब भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद सचान ने बताया कि पत्रावली खोजी जा रही है। व्यस्तता के कारण अभी खेाज नहीं पाए हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार को इसका पूरा ब्योरा मिल जाएगा।