कोतवाली क्षेत्र में स्थित एक होटल पर खाना लेने जाते समय लापता हुईं दो बालिकाएं वापस घर आ गई। बालिकाओं ने अपने अपहरण होने की बात बताई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कटरा निवासी इरशाद की भांजी रोजी(13) पुत्री आशिक अली निवासी भेदउना थाना बेहटा गोकुल उनके पास ही रहती थी। शनिवार को वह उसकी पुत्री 13 वर्षीय हुसना के साथ अपनी नानी के कहने पर महुआ टोला के पास एक होटल से खाना लेने गई थी। इसके बाद से दोनों का पता नहीं चल सका था। पुलिस बालिकाओें की तलाश में लगी थी। सोमवार की शाम को दोनों बालिकाएं कस्बा पहुंची।
बालिकाओं के सकुशल घर पहुंचते ही आस पास के लोग एकत्रित हो गए। सीओ अरविंद वर्मा और कोतवाल राजेश सिंह ने बालिकाओं से पूछताछ की तो दोनों ने बताया कि उसको होटल से पहले आरा मशीन के पास दो युवक मिल गए थे। उन लोगों ने बहलाफुसला कर उनको ट्रक में बैठा लिया और खुद साथ में बैठ गए। शाहजहांपुर जनपद के काफीलाबाद में पुलिस खड़ी देखकर दोनों युवक ट्रक रोककर भाग गए।
तब चालक ने उनको ट्रक से उतार दिया। हुसना अपनी ननिहाल शाहजहांपुर में दुर्गा टाकीज के पास रंगीन चौपाल निवासी अपने नाना वशीर के घर रोजी के साथ पहुंच गई और घटना की जानकारी नाना को दी। हुसना की मां की मौत के बाद उसके पिता इरशाद ने दूसरी शादी कर ली थी। इसलिए वशीर से उन लोगों के संबंध खराब थे। उन्होंने वहां से दोनों को टाटा मैजिक मेें बैठा कर शाहाबाद भेज दिया। पुलिस व क्राइम ब्रांच दोनों बालिकाओं से पूछताछ में लगी है।