त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर चलाए जा रहे वृहद
पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता नामावलियों का शनिवार को अंतिम प्रकाशन
आखिरकार करवा ही दिया गया। निर्वाचन अधिकारी द्वारा सूची के आनलाइन होने का
दावा किया गया।
बताया गया कि पंचायत चुनाव को लेकर पिछले काफी समय से
वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम आयोग के निर्देश पर जिले में भी चलाया जा रहा
था। जिसको लेकर नामावलियों का अनंतिम प्रकाशन पूर्व में ही करवाया जा चुका
था, जिसमें काफी ग्रामीण वोटरों के नाम कटे होने या फिर गलत होने की
शिकायतें थी।
जिसके बाद आलेख्य में संशोधन व परिवर्धन आदि होने के बाद
नामावली को संशोधित कराने के बाद उसका प्रकाशन शनिवार को करवा दिया गया।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत प्रेम नारायन मिश्र का कहना है कि
तहसीलदार सदर, बिलग्राम, शाहाबाद, संडीला व सवायजपुर के तहत समस्त ग्राम
पंचायतों के निर्वाचन क्षेत्रों के आलेख्य में संशोधन कर तैयार कर उसका
प्रकाशन भी करवा दिया गया।
नामावलियां सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण
अधिकारी, बीडीओ व संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय में मौजूद रहेगी। सहायक
जिला निर्वाचन अधिकारी प्रेम नारायन मिश्रा ने बताया कि निर्वाचक
नामावलियों का अंतिम प्रकाशन आनलाइन करवा दिया गया है। जिसमें अपना नाम,
पिता का नाम, मकान नंबर आदि देकर अपना नाम देखा जा सकता है।
उधर,
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दावा कर पाना अब आसान नहीं है। पंचायत
प्रतिनिधि अदेय प्रमाण पत्र के बिना सीटों पर दावा नहीं ठोंक सकेंगे।
डीपीआरओ ने भी इस ओर सख्ती करने का मन बना लिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से
कहा कि नियत तिथि तक अदेय प्रमाण पत्र हर दशा में देना होगा, अन्यथा
प्रत्याशिता के अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
आयोग ने कहा कि त्रिस्तरीय
पंचायत चुनाव में दावेदारी करने को दावेदारों को अदेय प्रमाण पत्र देना
होगा, जिसमें दिखाना होगा कि उनके पास पंचायत की कोई भी राशि नहीं है या
फिर किसी तरह की देनदारी पंचायत पर उनकी नहीं है। यदि है तो पहले देनदारी
साफ करें और अदेय प्रमाण पत्र लेकर उसे पंचायती राज कार्यालय में जमा करें
अन्यथा की दशा में यदि वह अपना नामांकन किसी भी पद पर करते हैं तो उनका
नामांकन रद कर दिया जाएगा।
डीपीआरओ भास्कर दत्त पांडे ने बताया कि जिले भर
की ग्राम पंचायतों में निर्देश पूर्व में ही जारी कर दिए गए थे, पर अब इस
ओर ज्यादा सख्ती की जाएगी और एक अंतिम तिथि निर्धारित करके अदेय प्रमाण
पत्र मंगाए जाएंगे। न देने वाले चुनाव में दावा करने के लिए अयोग्य घोषित
किए जाएंगे।