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Hardoi News: अमृत-2.0 का 'सूखा' सच न मिला शुद्ध पानी न बिछ पाई पूरी पाइपलाइन

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हरदोई। अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) में नगरीय क्षेत्रों के सभी मोहल्लों के लोगों का न तो शुद्ध पानी मिल पाया न ही पाइपलाइन का काम पूरा हो सका। शहर के वार्ड संख्या 21 अशराफ टोला में सातों दिन 24 घंटे पानी देने के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा नहीं हो सका है। ऐसे ही नगर पालिका शाहाबाद और संडीला में भी पानी की टंकी और पाइपलाइन का काम अधूरा है।
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नगरीय क्षेत्र के लोगों को पाइपलाइन से जलापूर्ति के लिए अमृत 2.0 में काम कराया जा रहा है। जल निगम नगरीय के माध्यम से कराए जाने वाले कामों में शहर सहित शाहाबाद और संडीला में काम कराया जाना है। इसमें शहर के वार्ड संख्या 21 अशराफ टोला को सातों दिन 24 घंटे जलापूर्ति के लिए साल 2024 में चयनित किया गया था।
वहीं शाहाबाद में मोहल्ला सरायं दरवाजा और संडीला में बेगमगंज और लायंस पब्लिक स्कूल के पीछे ओवरहैड टैंक बनवाए जाने के साथ ही पाइपलाइन जलापूर्ति से वंचित मोहल्लों में भूमिगत पाइपलाइन से जलापूर्ति के लिए चुना गया। शासन की ओर से इन कामों को कराए जाने के लिए स्वीकृति भी दे दी गई। काम कराने के लिए रुपये मिलने के बाद जल निगम नगरीय ने निविदा प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू करा दिया लेकिन काम तय समय में पूरे होते नहीं दिख रहे हैं। वहीं बरसात के दिनों में पाइपलाइन बिछाए जाने के लिए की जाने वाली खोदाई से सड़कों और गलियों की हालत भी खराब हो रही है।
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केस एक
वार्ड 21 मोहल्ला अशराफ टोला, विशुनुपुरी, सिनेमा चौराहा आदि की आबादी के लिए सातों दिन 24 घंटे पाइपलाइन जलापूर्ति के काम को कराया जाना है। वैसे अभी वन विभाग कार्यालय के पास बनी ओवरहैड टैंक से पानी आपूर्ति की जा रही है जोकि सामान्य मोहल्लों की भांति मिल रही है। 24 घंटे जलापूर्ति के लिए अलग से भूमिगत पाइपलाइन बिछाए जाने के साथ ही घरों आदि में कनेक्शन दिए जाने हैं। अभी तक वार्ड के मुख्य मोहल्ला अशराफ टोला में ही पाइपलाइन बिछाए जाने का काम पूरा नहीं हो सका है। इससे करीब 12 हजार लोगों को 24 घंटे पानी वाली सुविधा नहीं मिल पाई है।
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केस दो
नगर संडीला में पुनर्गठन पेयजल योजना में काम कराया जाना है। इसमें वंचित मोहल्लों में पाइपलाइन से जलापूर्ति दी जानी है। वार्ड संख्या 17 सुंबाबाग की आबादी 15 हजार के आसपास होगी। इसमें मोहल्ला कैनाल रोड, नारायणदास गली, एकलव्य नगर, अग्निहोत्री कॉलोनी, पत्रकारपुरम, लखनऊ रोड आदि शामिल हैं। यहां पर पाइपलाइन का काम भी अधूरा है और ओवरहैड का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। वार्ड संख्या नौ बाबा हजारा बाग वार्ड की आबादी करीब 10 हजार के आसपास है। इसमें एकता नगर, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, सिद्ध विनायक कॉलोनी/नउआचक, अटल बिहार कॉलोनी और अब्बासनगर व हरदोई रोड आदि शामिल हैं। यहां पर भी पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा होना है। इससे इन मोहल्लों के लोगों को पाइपलाइन जलापूर्ति नहीं मिल सकी है।
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सुंबाबाग के सभासद राम सिंह के मुताबिक, वार्ड के सभी मोहल्लों के लोग पाइपलाइन जलापूर्ति से वंचित हैं। अमृत 2.0 में जल्द ही पाइपलाइन जलापूर्ति की उम्मीद जगी थी लेकिन न तो पाइपलाइन का काम पूरा हो सका न ही ओवरहैड टैंक ही बन पाया। इससे पानी आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। पाइपलाइन बिछाकर सीधे नलकूप से भी जलापूर्ति की जा सकती थी।
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राजू गुप्ता का कहना है कि हम लोगों को हैंडपंप और सबमर्सिबल पंप से ही पानी लेना मजबूरी है। सुंबाबाग सहित वार्ड के मोहल्लों में पाइपलाइन जलापूर्ति की सुविधा न होने से लोगों को खुद के संसाधनों पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। ओवरहैड टैंक और कुछ मोहल्लों में पाइपलाइन बिछवाए जाने से उम्मीद जगी थी लेकिन अब अगली गर्मी के मौसम में ही जलापूर्ति मिल पाएगी।
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मंगेश सिंह ने बताया कि योजना में काम स्वीकृत होने से उम्मीद जगी थी, काम की रफ्तार देखकर लगता है कि समय से पानी नहीं मिल पाएगा। वहीं मोहल्लों में कराए जाने वाले काम से गलियां और सड़कें भी उखड़ गई हैं। इससे आवागमन में भी दिक्कतें होती हैं। ओवरहैड टैंक का काम भी इन दिनों ठप है।
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डॉ. राहुल ने बताया कि पाइपलाइन से जलापूर्ति अभी तक नहीं मिल पाई है लेकिन पहले से निर्मित सड़कें और गलियों को भी खोदाई कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इससे आवागमन में भी परेशानी होती है। अब पाइपलाइन जलापूर्ति कब मिलेगी यह तो काम पूरा होने पर ही तय हो सकेगा।
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अमृत 2.0 में शहर सहित शाहाबाद और संडीला में काम हो रहा है। काम करा रहीं संबंधित फर्म के संचालकों से कहा गया कि बरसात में एक दिन में पूरा होने वाला ही काम कराएं। पाइपलाइन के लिए कहीं पर भी खोदाई कर छोड़ा न जाए। शाहाबाद और शहर में अक्तूबर से दिसंबर तक और संडीला में मार्च 2027 तक काम पूरा कराए जाने की शासन से समयावधि तय करा ली गई है। ऐसे में प्रयास है कि काम समय से ही पूरा करा लिया जाए। -मनोज सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम नगरीय

पेयजल पुनर्गठन और 24 घंटे जलापूर्ति परियोजनाओं पर एक नजर
. संडीला नगर पालिका परिषद पुनर्गठन पेयजल योजना की लागत 54.01 करोड़ रुपये। अब तक मले 34.70 करोड़ और पूरे खर्च हो गए। काम 75 प्रतिशत पूरा होने का दावा। काम सात मार्च 2024 को शुरू हुआ था। काम 31 मार्च 2027 तक पूरा कराया जाना है।
. शाहाबाद नगर पालिका परिषद पुनर्गठन पेयजल योजना की लागत 86.91 करोड़ रुपये। योजना का काम 10 अक्तूबर 2024 को शुरू कराया गया। अब तक 32.68 करोड़ रुपये मिले और सभी रुपये खर्च होने के साथ 53 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा। काम 31 अक्तूबर 2026 तक पूरा कराया जाना है।

. हरदोई नगर पालिका परिष्ज्ञद के वार्ड संख्या 21 अशराफ टोला में सातों दिन 24 घंटे आधारित पेयजल योजना का काम 6.92 करोड़ से कराया जाना है। काम 11 दिसंबर 2024 को शुरू कराया गया और अब तक 1.12 करोड़ रुपये मिले हैं। काम 18 प्रतिशत पूरा हो पाया है।
. हरदोई नगर पालिका परिषद पुनर्गठन पेयजल योजना का काम 42.09 करोड़ रुपये से कराया जाना है। अब तक 8.19 करोड़ रुपये मिले हैं और पूरे खर्च कर लिए गए हैं। काम 17 जनवरी 2025 को शुरू कराया गया और 31 अक्तूबर 2026 तक पूरा होना है। अभी तक 30 प्रतिशत काम हुआ है।
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