हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला महिला अस्पताल में मरीजों को आधुनिक सुविधाएं देने का दावा सिर्फ दिखावा है।
मरीजों को जांच की लंबी लाइनों से निजात दिलाने और मैनुअल लोड कम करने के उद्देश्य से लगाया गया हेल्थ एटीएम खुद ही दम तोड़ चुका है। सालों से बंद पड़े हेल्थ एटीएम को सुधरवाया ही नहीं जा रहा है। ब्लड सैंपल कक्ष के कोने में खड़ा हेल्थ एटीएम महिला अस्पताल की शोभा बढ़ा रहा है। वहीं महिला मरीज पुरानी व्यवस्था के भरोसे रहने को मजबूर हैं।
आबकारी मंत्री ने अपनी विधायक निधि से छह लाख रुपये का बजट देकर महिला अस्पताल में हेल्थ एटीएम लगवाया था। आबकारी मंत्री ने हेल्थ एटीएम का लोकार्पण 18 नवंबर 2023 को किया था। इसके बाद से सिर्फ एक सप्ताह की एटीएम से जांच की गई लेकिन इसके बाद कभी जांच स्ट्रिप, कभी टच स्क्रीन तो कभी टेक्नीशियन न होने की बात कह कर बंद कर दिया गया। स्थिति यह है कि तीन साल बीतने को हैं लेकिन हेल्थ एटीएम सिर्फ शोपीस का काम कर रहा है जबकि मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। आज भी छोटी-छोटी जांचों के लिए लाइनों में लगना पड़ता है और रिपोर्ट के लिए दूसरे दिन का इंतजार करना पड़ता है।
एटीएम से 21 जांचें तत्काल होने का दावा
हेल्थ एटीएम लगने के बाद मशीन से 140 प्रकार की जांचें करने का दावा किया गया। शुगर, ब्लड प्रेशर, लिवर फंक्शन टेस्ट और ब्लड ग्रुप समेत कई जांचें हो जाती हैं जबकि 21 तरह की जांचों की रिपोर्ट तत्काल मिलने का दावा किया गया। मशीन लगने के बाद से ही एटीएम जिम्मेदारों की लापरवाही की भेंट चढ़ गया। हेल्थ एटीएम सालों से खराब है और जांचें मैनुअल की जा रही हैं। हेल्थ एटीएम कैसे खराब हुआ है कब तक बनेगा इसके बारे में महिला अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों को भी नहीं पता। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने हेल्थ एटीएम के संबंध में किसी भी प्रकार के दस्तावेज उन्हें सौंपे जाने से इन्कार किया है।
एटीएम संचालन के लिए टेक्नीशियन भी नहीं
महिला अस्पताल के जांच सैंपल केंद्र पर मौजूद कर्मियों से जानकारी की गई तो पता चला कि हेल्थ एटीएम संचालित करने के लिए टेक्नीशियन की जरूरत होती है, शुरू में तो कुछ दिन तकनीकी सहायक आए लेकिन बाद में उन्होंने भी आना बंद कर दिया और अब तो मशीन संचालन के लिए कई आवश्यक उपकरण की जरूरत है। मशीन काफी समय से बंद है तो इस पर कोई ध्यान भी नहीं दे रहा है। हालांकि, मशीन संचालित हो रही होती तो काफी हद तक राहत मिल सकती थी।
हेल्थ एटीएम की मरम्मत के लिए शासन को पत्र भेजा जा चुका है हालांकि अभी कोई निर्देश नहीं आया है। दोबारा रिमाइंडर भेजा जाएगा और एटीएम को सुधरवाने का प्रयास किया जाएगा। -डॉ. भवनाथ पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी