कृषि प्रधान जिले को सरकार ने कृ षि महाविद्यालय का तोहफा दे दिया। बुधवार को हुई कै बिनेट की बैठक में महाविद्यालय के निर्माण के लिए 6.06 हेक्टेयर की जमीन नि:शुल्क आवंटित करने पर मोहर लगा दी गई।
अब बजट आवंटित होते ही इसका निर्माण शुरू होगा। कृषि महाविद्यालय के बनने से हरदोई के अलावा आसपास के जिलों के छात्र भी यहां प्रवेश ले सकेंगे।
गत वर्ष 9 फरवरी को यहां आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से सांसद नरेश अग्रवाल ने जिले में कृषि विश्वविद्यालय की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री ने कृषि महाविद्यालय देने की घोषणा करते हुए कहा था कि इसके लिए वह जमीन उपलब्ध करवाएं।
आगे चलकर इसको और बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। सीएम की घोषणा के बाद प्रशासन ने महाविद्यालय के निर्माण के लिए करीब 6 हेक्टेयर जमीन की खोजबीन शुरू की। काफी प्रयास के बाद बिलग्राम चुंगी के निकट कृषि प्रसार भवन के फार्म हाउस की जमीन को महाविद्यालय के लिए उपयुक्त पाया गया।
सांसद के निर्देश पर जिलाधिकारी रमेश मिश्र ने इस जमीन का प्रस्ताव महाविद्यालय के लिए तैयार कर शासन को भिजवाया। इस पर बुधवार को मुख्यमंत्री ने कैबिनेट की बैठक में महाविद्यालय के लिए नि:शुल्क जमीन के प्रस्ताव पर मोहर लगाते हुए महाविद्यालय बनवाने का रास्ता साफ कर दिया।
अब इसके लिए बजट का इंतजार है। संभावना जताई जा रही है कि इसी वित्तीय वर्ष में बजट भी आवंटित कर दिया जाएगा। कृषि महाविद्यालय के बनने से जिले के अलावा फर्रुखाबाद, कन्नौज, शाहजहाँपुर, उन्नाव, सीतापुर समेत आसपास के जिलों के कृ षि से स्नातक व परास्नातक करने वाले छात्रों को लाभ मिलेगा।